नई दिल्ली: केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह के बयान के बाद योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान में वोटर ID यानी EPIC नंबर के इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ गया है। 6 नवंबर को दिए बयान में उन्होंने कहा कि आधार की जगह वोटर ID का उपयोग होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान होगी। हालांकि, यह साफ नहीं हुआ कि यह बदलाव किन योजनाओं पर कब और कैसे लागू होगा।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया कि मोदी सरकार की योजना से करोड़ों नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, खासकर उन लोगों के जो भाजपा के खिलाफ हैं। राहुल ने इसे "गहरी साजिश" बताया और चेतावनी दी कि यदि योजनाओं का लाभ वोटर ID से जोड़ा गया, तो मतदाता सूची से नाम कटने पर लोगों को सरकारी लाभ से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "नाम कटा - वोट गया। वोट गया - हक़ गया।"
मोदी सरकार के मंत्री का ऐलान - योजनाओं का लाभ अब आधार से नहीं, वोटर ID से तय होगा। साजिश बहुत गहरी है, इत्मीनान से समझिए। SIR के नाम पर करोड़ों नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं - रोका नहीं गया तो और भी काटे जाएंगे। ज़्यादातर नाम किनके? जो BJP के ख़िलाफ़ आक्रोश में हैं। वोटर लिस्ट एक निष्पक्ष चुनाव आयोग के हाथ में होनी चाहिए - मगर अब वो मोदी सरकार के कर्मचारी, ज्ञानेश कुमार के हाथ में है, जिसकी BJP के साथ मिलीभगत में वोट चोरी हमने सबूत के साथ पकड़ी है। तैयारी है ऐसी लिस्ट बनाने की जिसमें बहुमत हमेशा BJP का हो - और अब वही लिस्ट तय करेगी कि आपको योजना का पैसा मिलेगा या नहीं। कल जिसने भी ठाना कि BJP को हटाना है, तो चुन-चुन कर सबका नाम काटा जाएगा। नाम कटा - वोट गया। वोट गया - हक़ गया। और देखते ही देखते आप एक hijacked लोकतंत्र के अदृश्य नागरिक बन जाएंगे - जहां जनता सरकार नहीं चुनेगी, सरकार अपनी जनता चुनेगी। आज पंचायती राज की योजनाएं। कल राशन? पेंशन? मनरेगा? आवास? छात्रवृत्ति? आरक्षण? यह चुनाव जीतने की राजनीति नहीं, चुनाव चोरी का इंतज़ाम और सत्ता में बने रहने का स्थायी बंदोबस्त है। वोट देना आपका अधिकार है, शर्त नहीं। किसी ग़रीब की पेंशन उसके वोटर कार्ड की ग़ुलाम नहीं हो सकती। ये सिर्फ़ वोट चोरी नहीं - ये हक़ चोरी है। हम ये होने नहीं देंगे।— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 6, 2026
क्या वोटर ID से योजनाओं का लाभ जोड़ना सही है?
राहुल गांधी ने कहा कि योजनाओं के लाभ को वोटर ID से जोड़ना मतदाता सूची में नाम कटने के कारण लोगों के अधिकारों पर बड़ा संकट खड़ा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों की पेंशन, राशन, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं को वोटर कार्ड के आधार पर निर्भर नहीं होना चाहिए। राहुल के मुताबिक यह केवल वोट चोरी नहीं बल्कि "हक चोरी" भी है।
SIR विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रिया
ललन सिंह के बयान के बाद SIR (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतंत्र प्रभावित हो सकता है। मंत्री ने EPIC नंबर और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान की बात कही है, लेकिन इस प्रक्रिया के विस्तार या लागू होने की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बदलाव एक प्रस्तावित नीति का हिस्सा है या सीमित स्तर पर लागू होगी।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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