समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रामपुर जेल से रिहा कर गाजियाबाद के डासना जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
आजम खान की रिहाई और तुरंत बाद हिरासत
रामपुर जेल से शनिवार को रिहा होने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के आरोपों में हिरासत में ले लिया। दोनों पर दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने का मामला भी चल रहा था, जिसमें नवंबर 2025 में सात साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि उच्च न्यायालय ने उनकी सजा को निलंबित किया था। जेल से रिहाई के बाद आजम को गाजियाबाद के पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गाजियाबाद स्थित डासना जेल भेज दिया गया।
ईडी की जांच की तैयारी और आगे की कार्रवाई
ईडी के सूत्रों के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में एजेंसी गाजियाबाद पीएमएलए कोर्ट से आजम खान की ईडी रिमांड की मांग करेगी। रिमांड मिलने के बाद आजम खान को लखनऊ ले जाकर धन शोधन मामले में पूछताछ की जाएगी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सरकारी धन का उपयोग निजी शिक्षण संस्थान जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया। 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतें कुर्क भी की गई थीं।
आजम खान के बयान और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
आजम खान ने हिरासत में लिए जाने के बाद कहा,
“मुझे मुसलमान होने की सजा मिल रही है। गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी (जौहर विश्वविद्यालय) बनाई, बच्चों के लिये कॉलेज बनाए।”
इस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “उन्होंने जो कहा वह सच है लेकिन इसके साथ-साथ आप भाजपा से न्याय की उम्मीद नहीं कर सकते।” यादव ने ईडी की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
अब्दुल्ला की रिहाई और अदालत की सजा नीलंबन
अब्दुल्ला के दो पैन कार्ड मामले में रामपुर की सांसद/विधायक अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला को सात साल कैद की सजा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने के लिए अपील की, जिस पर आजम की सजा 10 साल और जुर्माना पांच लाख रुपये कर दिया गया। वहीं अब्दुल्ला की सजा सात साल बरकरार रखी गई लेकिन जुर्माना बढ़ाकर साढ़े तीन लाख रुपये किया गया। दोनों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिसने 21 दिसंबर को सजा को निलंबित कर दिया लेकिन दोष सिद्धि रद्द नहीं की।
क्या है धन शोधन का मामला?
ईडी का आरोप है कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सार्वजनिक मूलभूत ढांचे और आम जनता के लिए रखे गए सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। इसी मामले में 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क किया गया था।
पढ़ने वाले पूछ रहे हैं
- आजम खान को क्यों हिरासत में लिया गया?
ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े धन शोधन के आरोप में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। - आजम खान और अब्दुल्ला की सजा पर क्या फैसला है?
उच्च न्यायालय ने दोनों की सजा निलंबित कर दी है लेकिन दोष सिद्धि को रद्द नहीं किया है।
इस घटना से स्पष्ट होता है कि धन शोधन के आरोपों के चलते आजम खान की कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। गाजियाबाद की डासना जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत के दौरान एजेंसी की पूछताछ अहम रहेगी।
स्रोत: hindi.news18.com





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