अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के परिणामों के बाद राष्ट्रपति Donald Trump की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। चुनाव में सत्ताधारी पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद Trump अपने प्रशासन में बदलाव कर सकते हैं। वे रक्षा मंत्री Pete Hegseth को बनाए रखने या उनकी जगह नए व्यक्ति को लाने पर सलाहकारों से विचार-विमर्श कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- Donald Trump ने रक्षा मंत्री Pete Hegseth की कुर्सी पर सवाल उठाए हैं।
- ईरान के साथ जारी युद्ध को चुनाव हार का कारण माना जा रहा है।
- उपाध्यक्ष JD Vance ने युद्ध को हार की वजह बताया।
- रॉन डेसेंटिस को रक्षा मंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है।
- Trump ने अभी तक Pete Hegseth को हटाने से इनकार किया है।
ईरान युद्ध और चुनाव हार का संबंध
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, Trump ने अपने करीबी सलाहकारों के साथ बैठकों और फोन पर बातचीत में रक्षा मंत्री Pete Hegseth की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। हालांकि अभी तक उन्हें हटाने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इस चर्चा के पीछे ईरान के साथ जारी युद्ध को चुनाव में सत्ताधारी पार्टी की हार से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी इस हार और युद्ध के बीच सीधा संबंध बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चुनाव में हार की वजह युद्ध है। उनके इस बयान से Trump प्रशासन की युद्ध नीति और रक्षा विभाग की भूमिका पर बहस तेज हो गई है। इसके अलावा, सेना के कुछ शीर्ष अधिकारियों जैसे एडमिरल ब्रैड कूपर और जनरल डैन केन की भूमिका की समीक्षा भी हो सकती है।
रॉन डेसेंटिस का संभावित नाम
रक्षा मंत्री Pete Hegseth की कुर्सी को लेकर अटकलें तेज हो रही हैं। फ्लोरिडा के गवर्नर Ron DeSantis का नाम इस पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आया है। उनकी गवर्नरी अवधि 5 जनवरी को समाप्त हो रही है, जिसके बाद उन्हें इस पद के लिए विचार किया जा सकता है।
Trump ने पत्रकारों से बातचीत में Hegseth को हटाने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वे "बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।" व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने भी कहा कि राष्ट्रपति को Hegseth पर पूरा भरोसा है।
राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना
पहले भी Pete Hegseth को विपक्षी सांसदों की ओर से महाभियोग की मांग का सामना करना पड़ा है। अब कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति बनने के चलते उन पर राजनीतिक और संसदीय दबाव बढ़ सकता है। हालांकि Trump ने उनका समर्थन किया है, लेकिन आने वाले समय में रक्षा मंत्रालय और उसकी नीतियों को लेकर राजनीतिक हलचल जारी रहने की संभावना है।
स्रोत: livetimes.news





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