दिल्ली में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी में छह महीने का सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है. यह प्रोग्राम संस्थान के कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम (CEP) के तहत संचालित होगा और शनिवार को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाया जाएगा.
मुख्य तथ्य
- कोर्स छह महीने का है और 78 घंटे की ऑनलाइन पढ़ाई शामिल है।
- पांच मॉड्यूल में AI सिस्टम की सुरक्षा से जुड़ी तकनीक सिखाई जाएगी।
- कोर्स में विभिन्न साइबर हमलों जैसे मॉडल सप्लाई चेन अटैक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- फीस लगभग 1,65,200 रुपये GST सहित है।
- प्रोग्राम पूरा करने पर डिजिटल ई-सर्टिफिकेट मिलेगा।
IIT दिल्ली का नया सर्टिफिकेट प्रोग्राम
IIT दिल्ली ने AI और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह नया सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है. इस कोर्स का उद्देश्य प्रतिभागियों को AI सिस्टम को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की तकनीक और चुनौतियों के बारे में ज्ञान देना है. इसमें एडवर्सरियल मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) प्रॉम्प्ट इंजेक्शन, एजेंटिक AI के दुरुपयोग और मॉडल सप्लाई चेन अटैक जैसे विषय शामिल हैं.
साइबर हमलों पर विशेष ध्यान
प्रोग्राम में एजेंटिक AI से जुड़े पांच प्रमुख साइबर हमलों पर फोकस किया जाएगा. इन हमलों में मल्टीमॉडल जेलब्रेक, मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल (MCP) प्रॉम्प्ट इंजेक्शन, मेमोरी पॉइजनिंग, टूल-कॉलिंग एक्सप्लॉइटेशन और मॉडल हब सप्लाई चेन अटैक शामिल हैं. यह विषय AI सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं और प्रतिभागियों को इनसे निपटने के उपाय सिखाए जाएंगे.
पाठ्यक्रम की संरचना और फीस
यह छह महीने का कोर्स कुल 78 घंटे का होगा और पांच मॉड्यूल में विभाजित है. इसमें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी शामिल है जिसमें PyRIT, Garak, Sigstore, OPA और Falco जैसे सिक्योरिटी टूल्स का उपयोग करना सिखाया जाएगा. कक्षाएं हर शनिवार को ऑनलाइन होंगी जिससे नौकरी करते हुए पढ़ाई संभव हो सकेगी.
कोर्स की फीस लगभग 1,40,000 रुपये है, जिस पर 18 प्रतिशत GST अलग से लगेगा. कुल फीस 1,65,200 रुपये होगी. फीस की रसीद IIT दिल्ली के CEP की ओर से जारी की जाएगी और इसे CEP पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा.
आवेदन के लिए योग्यता और प्रक्रिया
यह प्रोग्राम साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स, AI और मशीन लर्निंग इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट, DevOps और प्लेटफॉर्म इंजीनियर्स के लिए उपयुक्त है. इसके अलावा गवर्नेंस, रिस्क एंड कंप्लायंस (GRC) से जुड़े पेशेवर भी आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, AI, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मैथ्स या संबंधित विषय में बैचलर या मास्टर डिग्री होनी चाहिए और उसमें कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने जरूरी हैं. साथ ही किसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का ज्ञान भी अनिवार्य है.
प्रोग्राम पूरा करने पर प्रमाणपत्र
कोर्स पूरा करने वाले प्रतिभागियों को IIT दिल्ली के CEP द्वारा डिजिटल रूप से वेरीफाई किया गया ई-सर्टिफिकेट ऑफ कम्प्लीशन मिलेगा. कोर्स के अंत में उन्हें एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट भी करना होगा, जिसमें AI सिक्योरिटी से जुड़ा प्रोडक्शन-ग्रेड समाधान तैयार कर लागू करना होगा. इस प्रोजेक्ट का मूल्यांकन IIT दिल्ली के फैकल्टी सदस्य करेंगे.
स्रोत: tv9hindi.com





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