लखनऊ, 7 अप्रैल (शुक्रवार) – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों का सिलसिला जारी रहेगा और तीसरी बार सरकार बनने पर भी नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे। उन्होंने बताया कि 9.50 लाख सरकारी भर्तियां पूरी होने के बाद 1 लाख और भर्तियां करने का लक्ष्य भी पूरा हो रहा है, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया यहीं खत्म नहीं होगी।
मुख्य बातें
- सीएम योगी ने 4,543 नए एसआई को नियुक्ति पत्र बांटे।
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती।
- तीसरी बार सरकार बनने पर कुछ नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे।
- 2017 के बाद बिना सिफारिश और घूस के नौकरी मिल रही है।
- पिछली सरकारों की भर्तियों के कई मामले कोर्ट में पेंडिंग।
4,543 पुलिस एसआई को नियुक्ति पत्र
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस उपनिरीक्षक (SI) के पद पर चयनित 4,543 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए और सीधे अभ्यर्थियों से पूछा कि क्या किसी को नौकरी पाने के लिए सिफारिश करनी पड़ी, किसी स्तर पर लेन-देन हुआ या रिश्वत देने की पेशकश की गई। साथ ही यह भी पूछा कि क्या किसी ने धमकी देकर नियुक्ति पत्र हासिल करने की कोशिश की।
यूपी में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। अब युवाओं को बिना सिफारिश, बिना घूस और बिना किसी भेदभाव के उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिल रही है। उन्होंने कहा,
"2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती का मतलब सैफई सिंडिकेट बन गया था।"
उन्होंने बताया कि 2003 से 2017 के बीच भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं, जैसे कि आवेदन किसी और ने किया और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को दे दिया गया। कई ऐसे मामले आज भी कोर्ट में पेंडिंग हैं।
भर्तियों से जुड़े कोर्ट मामले और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें चिंता होती है कि अगर कोर्ट ने इन भर्तियों को रद्द करने का आदेश दिया तो उन युवाओं का क्या होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बेईमानी करते हुए नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं, उनकी संपत्ति जब्त करने का निर्णय हो तो उन्हें खुशी होगी।
योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि 9.50 लाख सरकारी भर्तियों के बाद 1 लाख और भर्तियां करने का लक्ष्य पूरा हो रहा है, लेकिन नियुक्ति पत्रों का वितरण यहीं समाप्त नहीं होगा। कुछ नियुक्ति पत्र रोक कर रखे जाएंगे और तीसरी बार सरकार बनने पर उन्हें बांटा जाएगा।
अन्य सरकारी पहल
सीएम ने बताया कि दीपावली से पहले कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस देने की मंजूरी भी दी गई है, जो राज्य में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत होगी।
स्रोत: indiatv.in





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