विनोद मेहरा, जो 1970 और 1980 के दशक के लोकप्रिय हिंदी अभिनेता थे, की 36वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को मनाई जाएगी। उन्होंने अपने तीन दशक लंबे करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम किया और अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली के लिए पहचाने जाते थे।
शुरुआत बाल कलाकार के रूप में
विनोद मेहरा का जन्म 13 फरवरी 1945 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उन्होंने 10 साल की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में काम करना शुरू किया। 1950 के दशक के मध्य में उन्होंने फिल्मों 'अदल-ए-जहांगीर' और 'रागिनी' से एक्टिंग की शुरुआत की। मुख्य अभिनेता के रूप में उनका पहला अभिनय 1971 की फिल्म 'एक थी रीटा' से था।
तीन दशकों का फिल्मी सफर
अपने लंबे करियर में विनोद मेहरा ने कई सफल फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'अनुराग', 'घर', 'जानी दुश्मन', 'अमर प्रेम', 'बेमिसाल', 'जुर्माना', 'द बर्निंग ट्रेन', 'नागिन', 'खुद्दार', 'साजन बिना सुहागन', 'प्रेम प्रतिज्ञा' और 'लाल पत्थर' शामिल हैं। उन्होंने फिल्म 'गुरुदेव' का निर्माण और निर्देशन भी किया, जो उनकी मृत्यु के बाद 1993 में रिलीज हुई।
व्यक्तिगत जीवन और शादी की चर्चाएं
विनोद मेहरा की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही। उन्होंने तीन शादियां कीं। पहली शादी मीना ब्रोका से मां की मर्जी से हुई, लेकिन 1978 में उनका तलाक हो गया। फिर उन्होंने अभिनेत्री बिंदिया गोस्वामी से शादी की, जो कुछ वर्षों बाद खत्म हो गई।
रेखा के साथ रिश्ते को लेकर अफवाहें
मेहरा ने तीसरी शादी किरण मेहरा से की, जिनसे उनके दो बच्चे थे। 30 अक्टूबर 1990 को वे केवल 45 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गए। इसके अलावा, विनोद मेहरा का नाम अभिनेत्री रेखा के साथ भी काफी सुर्खियों में रहा। उनके बीच अफेयर और गुपचुप शादी की खबरें भी चर्चा का विषय बनीं।
यह खबर उनके अभिनय करियर और निजी जीवन की प्रमुख जानकारी प्रस्तुत करती है, जो आज भी बॉलीवुड इतिहास में यादगार बनी हुई है।
स्रोत: navjivanindia.com





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