बंगाल में राजनीतिक हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले परिवारों को नौकरी देने की योजना पर शुभेंदु अधिकारी ने काम शुरू कर दिया है। यह योजना लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों के दौरान या बाद हुई हिंसा के मामलों को कवर करेगी।
2019 और 2021 के चुनाव हिंसा के प्रभावित परिवार भी योजना में
यह योजना पिछले 25 वर्षों में हुए प्रमुख चुनावों से जुड़े राजनीतिक हिंसा के मामलों को शामिल करेगी। खासतौर पर 2019 के लोकसभा और 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा। पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में हुई झड़पों में जान गंवाने वाले परिवार भी इस योजना के अंतर्गत आ सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य लंबे समय से राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
आवेदन प्रक्रिया और जांच
राज्य सरकार जल्द ही इस योजना के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी करेगी। प्रभावित परिवारों को जिले के प्रशासनिक विभाग के जरिए आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ मृतक की मौत की तारीख, घटना का स्थान और संबंधित प्रमाणित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।
फिर जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की टीम आवेदन की जांच करेगी और भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। पात्र पाए जाने पर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
कैबिनेट और कानून विभाग की मंजूरी
नबन्ना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि इस नीति को राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है और कानून विभाग ने भी इसे स्वीकृति दे दी है।
सरकार की ओर से अब औपचारिक घोषणा और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाना बाकी है, जिसमें पात्रता, आवेदन की अंतिम तिथि और रोजगार से जुड़ी शर्तें स्पष्ट होंगी।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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