वाराणसी में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, बनारस-प्रयागराज-रामबाग ट्रेन और वाराणसी सिटी-राजातालाब ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सेवा शुरू की। दोनों नेताओं ने नई ट्रेनों की सुविधाएं जांचीं और स्कूली बच्चों व लोको पायलट से बातचीत की। एक बच्चे ने आकर्षक पेंटिंग भेंट की, जिसे मुख्यमंत्री ने चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली और छठ से पहले काशीवासियों को यह उपहार मिला है।
मुख्यमंत्री ने तीन नई ट्रेनों की शुरुआत पर बधाई दी
योगी आदित्यनाथ ने पुराने समय की तुलना करते हुए कहा, "पहले आश्वासन पर आश्वासन मिलता था, अब आमजन को सौगात मिल रही है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए भारत के विकास को रेखांकित किया और कहा कि आज लौहपुरुष वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती है, जिन्होंने भारत के 563 रियासतों को एकजुट किया। भारतीय रेलवे भी देश को जोड़ने में इसी भूमिका में है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल को आधुनिक बनाया
योगी ने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गरीब, बुजुर्ग और आम जनता के लिए रेल सेवाओं को आधुनिक स्वरूप दिया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहले आधे मार्ग ब्रॉडगेज और आधे मीटरगेज थे, जो अब पूरी तरह ब्रॉडगेज और विद्युतीकृत हो चुके हैं।
काशी से दिल्ली यात्रा अब 8-9 घंटे में संभव
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले काशी से दिल्ली की दूरी 13-14 घंटे लगती थी, लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह समय घटकर 8-9 घंटे हो जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री ने दिल्ली-वाराणसी देश की पहली वंदे भारत ट्रेन शुरू की थी, जो केवल चेयर कार में थी, जबकि अब स्लीपर ट्रेन की सुविधा मिलेगी।
काशी-दिल्ली यात्रा होगी आरामदायक और सुविधाजनक
योगी ने कहा कि काशी से दिल्ली की यह यात्रा सुखद और मंगलमय होगी। काशी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में रेलवे की भूमिका महत्वपूर्ण है। राजातालाब तक मेमू सेवा का शुभारंभ स्थानीय नागरिकों को किफायती यात्रा विकल्प देगा, जिसमें महीने भर की यात्रा मात्र 95 रुपये में संभव होगी। काशी और प्रयागराज को जोड़ने वाली मेमू सेवा में एक महीने का टिकट 220 रुपये का रहेगा।
रेलवे ने बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव किए
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुराने समय में अनमैन लेवल क्रॉसिंग से दुर्घटनाएं होती थीं, लेकिन अब हर क्रॉसिंग पर अंडरपास या ओवरब्रिज बन चुके हैं। इससे सुरक्षा बढ़ी है और यात्रा का समय भी कम हुआ है।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से मालगाड़ियों की गति बढ़ी
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की 1000 किलोमीटर दूरी पूरी हो रही है, जिससे मालगाड़ियों के लिए अलग लाइन उपलब्ध हुई है। इससे सामान समय पर सुरक्षित पहुंचता है और स्पीड बढ़ी है।
वाराणसी-दिल्ली बुलेट ट्रेन की योजना तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी और दिल्ली के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बन रही है, जिससे दूरी 3.5 घंटे में पूरी होगी। यह हवाई जहाज की तुलना में सरल, सुगम और सस्ती यात्रा विकल्प होगी। काशी में अब अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन है, जिसमें शहर की पहचान झलकती है। उत्तर प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशन आधुनिक हो चुके हैं, जो एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज के समान सुविधाएं प्रदान करते हैं।
सरकार की स्पष्ट नीति और विकास दृष्टिकोण
योगी ने कहा कि पहले रेलवे स्टेशन गंदे और अस्वच्छ थे, लेकिन अब स्वच्छता और आधुनिकता पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के पास कार्य करने की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और दृढ़ संकल्प है।
काशी का व्यापक विकास जारी
मुख्यमंत्री ने काशी के विकास की बात करते हुए कहा कि नई रेल कनेक्टिविटी, सड़कें, एयरपोर्ट विस्तार और तीर्थों के विकास के प्रयास जोरशोर से हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी काशी आए थे, जहां 25 लाख लोगों ने एयरशो में भाग लेकर नए भारत की तस्वीर देखी।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
इस अवसर पर प्रयागराज से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य वर्चुअल तरीके से जुड़े। वाराणसी में मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत प्रशासक पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, अन्नपूर्णा सिंह और विनीत सिंह भी उपस्थित थे।
स्रोत: hindi.webdunia.com





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