एयर इंडिया को महाराष्ट्र के अमरावती में बेलोरा एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइंग अकादमी के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से मंजूरी मिली है। यह कदम देश में पायलट प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने और विमानन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।
मुख्य तथ्य
- एयर इंडिया की यह अकादमी भारत में किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा स्थापित पहली फ्लाइंग अकादमी है।
- अकादमी में 31 सिंगल-इंजन और 3 ट्विन-इंजन विमान शामिल होंगे।
- करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फैली इस अकादमी में डिजिटल कक्षाएं, आवास, ऑपरेशन सेंटर और मेंटेनेंस सुविधा उपलब्ध होगी।
- यह अकादमी गुरुग्राम की एयर इंडिया प्रशिक्षण अकादमी का पूरक होगी।
- अमरावती की नई फ्लाइंग अकादमी देश के विमानन क्षेत्र के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करेगी।
एयर इंडिया की नई फ्लाइंग अकादमी का विवरण
एयर इंडिया ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में बेलोरा एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइंग अकादमी स्थापित की है, जिसे डीजीसीए से मंजूरी मिल गई है। यह अकादमी विमानन क्षेत्र में पायलट प्रशिक्षण की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
यह अकादमी 31 सिंगल-इंजन और तीन ट्विन-इंजन विमानों का बेड़ा संचालित करेगी। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फैली इस संस्थान में डिजिटल तकनीक से लैस कक्षाएं, छात्रों के लिए आवास, डिजिटल ऑपरेशन सेंटर और समर्पित मेंटेनेंस सुविधा मौजूद होगी। इसके जरिए प्रशिक्षु पायलटों को वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।
एयर इंडिया की रणनीति और भविष्य की योजना
एयर इंडिया ने बताया कि यह फ्लाइंग अकादमी उसके विमानन क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे की तैयारी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अमरावती की यह अकादमी गुरुग्राम में स्थित एयर इंडिया की 6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली प्रशिक्षण अकादमी का पूरक होगी, जिसे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा विमानन प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है।
कंपनी का मानना है कि ये निवेश भारत में तेजी से बढ़ रही पायलटों की मांग को पूरा करने में मदद करेंगे और देश को विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को बल देंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एयर इंडिया ने कहा, "हमें अमरावती के बेलौरा एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी के लिए डीजीसीए से मंजूरी मिलने पर गर्व है। यह देश में किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा स्थापित पहली फ्लाइंग अकादमी है। विश्वस्तरीय ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और 34 ट्रेनिंग विमानों के बेड़े के साथ यह अकादमी भारत की पायलट ट्रेनिंग क्षमता को मजबूत करने और देश के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर को सहयोग देने में मदद करेगी।"
स्रोत: kharinews.com





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।