उत्तर प्रदेश के विधान परिषद चुनाव में 11 में से सपा ने 5 सीटें जीतकर भाजपा को चुनौती दी है। इस चुनाव परिणाम ने यूपी की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं को जोश भरते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी तेज करने का आह्वान किया है।
अमित शाह ने किस तरह भरा जोश?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं को 313 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया। उन्होंने यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा किया। हालांकि भाजपा ने अपने छह में से सभी छह सीटें तो बरकरार रखीं, लेकिन दो निर्दलीय सीटें सपा के खाते में जाने से उसका आंकड़ा घटकर पांच हो गया। वाराणसी और लखनऊ में मिली हार और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कम अंतर से जीत भाजपा के लिए चिंता का विषय बनी।
विधान परिषद चुनाव में कौन-कौन जीता?
विधान परिषद के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हुए। स्नातक क्षेत्रों में मेरठ और आगरा में भाजपा, इलाहाबाद-झांसी, लखनऊ और वाराणसी में सपा के उम्मीदवार जीते। शिक्षक क्षेत्रों में लखनऊ, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद में भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि वाराणसी, आगरा और अन्य क्षेत्रों में सपा ने बाजी मारी।
| निर्वाचन क्षेत्र | जीता | मत | निकटतम प्रतिद्वंद्वी | मत |
|---|---|---|---|---|
| मेरठ स्नातक | दिनेश कुमार गोयल (भाजपा) | 24,929 | प्रमेन्द्र सिंह भाटी (सपा) | 12,073 |
| आगरा स्नातक | डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (भाजपा) | 42,743 | शशांक यादव (सपा) | 27,734 |
| इलाहाबाद-झांसी स्नातक | डॉ. मान सिंह यादव (सपा) | 60,358 | अशोक कुमार राठौर (भाजपा) | 32,695 |
| लखनऊ स्नातक | कांति सिंह (सपा) | 56,905 | अवनीश कुमार सिंह (भाजपा) | 39,778 |
| वाराणसी स्नातक | आशुतोष सिन्हा (सपा) | 55,046 | केदारनाथ सिंह (भाजपा) | 35,114 |
| लखनऊ शिक्षक | उमेश द्विवेदी (भाजपा) | 13,179 | सुशील कुमार (सपा) | 8,371 |
| वाराणसी शिक्षक | लाल बिहारी यादव (सपा) | 11,612 | डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र (भाजपा) | 6,597 |
| आगरा शिक्षक | डॉ. आकाश अग्रवाल (सपा) | 14,046 | हरि किशोर तिवारी (भाजपा) | 9,783 |
| मेरठ शिक्षक | श्रीचन्द शर्मा (भाजपा) | 18,099 | डॉ. नितिन तोमर (सपा) | 4,858 |
| बरेली-मुरादाबाद शिक्षक | डॉ. हरी सिंह ढिल्लो (भाजपा) | 21,672 | हाजी दानिश अख्तर (सपा) | 3,996 |
| गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक | ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भाजपा) | 16,790 | राजीव यादव (निर्दलीय) | 14,580 |
भाजपा के लिए क्या संदेश है चुनाव परिणाम?
भाजपा के लिए यह चुनाव परिणाम चेतावनी जैसा है। पार्टी ने जहां अपनी अधिकांश सीटें तो बरकरार रखीं, वहीं कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हार ने चिंता बढ़ाई है। भाजपा के लिए यह जरूरी है कि वह अति आत्मविश्वास से बचते हुए आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाए। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह चुनाव केवल पढ़े-लिखे लोगों का था, जिससे सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर होती है।
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने भाजपा की स्थिति को अंगद के पांव से तुलना दी और कहा कि इसे हटाना संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2017 के चुनाव की याद दिलाई और उसी तरह का परिणाम लाने के लिए कहा। अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को 2027 के चुनाव की बागडोर संभालने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का असली मालिक कार्यकर्ता है।
यह परिणाम भाजपा के लिए भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह चुनाव पार्टी की ताकत और कमजोरियों का संकेत है।
स्रोत: livetimes.news





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