दिल्ली के व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने 30 अक्टूबर को सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। व्यापारियों ने बताया कि वे पहले राहुल गांधी को तीन बार अपनी समस्या बता चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। वे दिवाली के समय होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इससे दिल्ली के बाजारों में कारोबार ठप हो सकता है।
व्यापारियों की दिवाली पर रैली को लेकर चिंता
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि वे कांग्रेस की रैली के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन रैली की तारीख 1 नवंबर को होने से वे परेशान हैं। यह दिन धनतेरस (6 नवंबर) और दिवाली (8 नवंबर) से पहले खरीदारी के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। व्यापारियों का दावा है कि इस दिन दिल्ली में 10 लाख लोग और हजारों वाहन पहुंचेंगे, जिससे पुरानी और मध्य दिल्ली के 20 बड़े बाजारों में कारोबार प्रभावित होगा।
व्यापारियों ने सोनिया गांधी के सामने रखी दो मांगें
व्यापारियों ने पत्र में दो विकल्प दिए हैं। पहला, कांग्रेस रैली की तारीख 10-11 नवंबर के बाद रखे ताकि दिवाली का कारोबार प्रभावित न हो। दूसरा, अगर रैली 1 नवंबर को ही करनी है तो इसे रामलीला मैदान की बजाय बुराड़ी मैदान में कराया जाए। व्यापारियों के अनुसार, बुराड़ी मैदान में 15 हजार गाड़ियों के खड़े होने की जगह उपलब्ध है, जो रामलीला मैदान में संभव नहीं है।
रामलीला मैदान में भीड़ से जाम और कारोबार में नुकसान
व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान में इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं है। 15 से 20 हजार गाड़ियों के साथ 10 लाख लोगों की भीड़ पुरानी दिल्ली और आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लगा सकती है। इससे रोजाना 10 से 12 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। इन बाजारों से देश के कई हिस्सों में सामान भेजा जाता है।
रैली से पहले ही शुरू हो सकती है परेशानी
CTI ने बताया कि रैली का असर 31 अक्टूबर से ही दिखने लगेगा। दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की भीड़ बढ़ेगी और कई रास्तों पर बैरिकेडिंग से माल की आवाजाही में दिक्कत आएगी। व्यापारियों ने 10 अक्टूबर को हुए जंतर-मंतर कार्यक्रम का उदाहरण दिया, जहां 5 से 7 हजार लोगों के आने पर भी सेंट्रल दिल्ली में 8 घंटे तक जाम लगा रहा। 10 लाख लोगों की भीड़ होने पर समस्या और ज्यादा गंभीर होगी।
मुख्य बिंदु
- CTI ने सोनिया गांधी को 30 अक्टूबर को पत्र लिखा।
- व्यापारी रैली की तारीख 1 नवंबर को होने से चिंतित हैं।
- 10 लाख लोगों की भीड़ से दिल्ली के 20 बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
- व्यापारियों ने रैली की तारीख बदलने या स्थान बदलने की मांग की है।
स्रोत: bhaskarhindi.com





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