उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी (SP) की सांसद डिंपल यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन की पांच MLC उम्मीदवारों की जीत को बदलाव की मजबूत नींव बताया है। उन्होंने कहा कि यह जीत तानाशाही और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक संदेश है जो अब नहीं हिल सकता।
मुख्य बिंदु
- समाजवादी पार्टी के पांच MLC उम्मीदवारों ने विधान परिषद चुनाव में जीत हासिल की।
- PDA की यह एकजुटता उत्तर प्रदेश में बदलाव की नींव रखती है।
- वाराणसी की दोनों MLC सीटें समाजवादी पार्टी ने जीतीं।
- डिंपल यादव ने BJP की नीतियों को जनविरोधी और तानाशाही बताया।
- 2027 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की उम्मीद जताई।
डिंपल यादव का बयान
डिंपल यादव ने कहा कि PDA की यह जीत स्पष्ट रूप से दिखाती है कि शोषित, वंचित और युवा केवल समाजवादी पार्टी पर भरोसा करते हैं। उन्होंने इसे 2027 विधानसभा चुनाव में होने वाली प्रचंड और ऐतिहासिक जीत की पहली मंजिल बताया। डिंपल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब रुकने वाली नहीं है और समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है।
वाराणसी में SP की जीत
वाराणसी से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा ने क्रमशः शिक्षक और स्नातक सीट पर जीत दर्ज की। डिंपल यादव ने कहा कि वाराणसी के मतदाताओं ने वाराणसी मॉडल को खारिज कर दिया है। इस जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं ने 2027 में अखिलेश यादव की सरकार बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
BJP की नीतियों पर डिंपल का हमला
डिंपल यादव ने BJP की नीतियों को जनविरोधी और तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि BJP के पास चुनावी मुद्दे नहीं हैं, जबकि यह चुनाव ठोस और वास्तविक मुद्दों पर लड़ा गया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताया।
उत्तर प्रदेश में नए राजनीतिक युग की शुरुआत
डिंपल यादव ने कहा कि PDA की बढ़ती ताकत उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है। इस जीत ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी की संभावनाओं को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में पार्टी कार्यकर्ता इस गति को बनाए रखें ताकि SP को फिर से सत्ता में लाया जा सके।
स्रोत: livetimes.news





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