28 फरवरी से ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया के समुद्री गलियारे को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिस पर ईरान ने जवाबी बयान दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि अमेरिका परमाणु अप्रसार के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से तनाव बढ़ा हुआ है।
- ईरान ने अमेरिकी धमकी को परमाणु अप्रसार संधि का उल्लंघन बताया।
- ईरान की विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को वैश्विक परमाणु खतरा कहा।
- ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।
- ईरान ने IAEA पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
ईरान ने अमेरिकी धमकी को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कहा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका की धमकियां परमाणु अप्रसार संधि (Non-Proliferation Treaty) का उल्लंघन हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, सुरक्षा परिषद और IAEA जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की इस मामले में चुप्पी पर अफसोस जताया। बघाई ने चेतावनी दी कि अमेरिका इस तरह की आक्रामकता से एक खतरनाक मिसाल कायम कर रहा है।
"अमेरिका असल में परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा है।"
ईरान की परमाणु नीति और रक्षा क्षमताएं
इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी धमकियां ईरान को अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए और दृढ़ बनाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका धमकियां जारी रखता है तो ईरान अपनी परमाणु नीति में बदलाव कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वह इस संधि के सदस्य के रूप में शर्तों का पालन करता रहेगा।
IAEA पर ईरान का पक्षपात का आरोप
IAEA ने ईरानी परमाणु स्थलों का पुन: निरीक्षण करने को कहा था, जिसे ईरान ने पक्षपातपूर्ण और पक्षपात करने वाला बताया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह संस्था ईरान के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा करने में भी विफल रही है। उन्होंने कहा कि अभी निरीक्षण के लिए सही समय नहीं आया है और IAEA के महानिदेशक को अपने पुराने बकाया मामलों को पहले सुलझाना चाहिए।
अमेरिका की मंशा और ट्रंप के बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने आयोवा में एक रैली में कहा कि तेल की कीमतों में वृद्धि राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बहुत छोटी कीमत है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सैन्य कार्रवाई इसलिए जरूरी है ताकि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके।
पढ़ने वाले पूछ रहे हैं
- क्या ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश की है?
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वह परमाणु अप्रसार संधि का पालन करता है। - IAEA ने ईरान के परमाणु स्थलों का निरीक्षण क्यों मांगा?
IAEA ने निरीक्षण की मांग की है लेकिन ईरान ने इसे पक्षपातपूर्ण बताया और कहा है कि अभी निरीक्षण का सही समय नहीं है।
स्रोत: livetimes.news





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