बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों ने कम वेतन और बढ़ती महंगाई को लेकर 31 अक्टूबर 2026 से विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। यह आंदोलन राजधानी ढाका और अन्य औद्योगिक इलाकों में तीसरे दिन भी जारी रहा, जिससे कई फैक्ट्रियों का काम प्रभावित हुआ और सड़कें जाम हो गईं।
सैलरी बढ़ाने की मांग
कर्मचारी अपनी महीने की सैलरी कम से कम 12,500 टका से बढ़ाकर 30,000 टका करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन में घर का किराया, खाना, बच्चों की पढ़ाई और इलाज का खर्च पूरा करना मुश्किल हो गया है। वेतन में इतनी बढ़ोतरी की जरूरत इसलिए जताई जा रही है क्योंकि कपड़ा उद्योग देश के लिए बड़ी कमाई का स्रोत है, लेकिन काम करने वालों को उसका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है।
तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी
बांग्लादेश में शनिवार से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी लगातार तीसरे दिन जारी रहे। ढाका के मीरपुर, सावर, अशुलिया और गाजीपुर जैसे औद्योगिक इलाकों में कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। फैक्ट्री मालिकों ने व्यवसाय की बढ़ती लागत और ऑर्डर में कमी के चलते वेतन बढ़ाने में कठिनाई जताई है।
फैक्ट्रियों में काम प्रभावित
बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGMEA) के अनुसार, इस आंदोलन के कारण 529 फैक्ट्रियों का काम प्रभावित हुआ है और लगभग 9.87 लाख कर्मचारी काम से दूर हैं। प्रदर्शन के दौरान कई जगह सड़कें जाम हो गईं, जिससे सामान्य जनता को भी परेशानी हुई। सुरक्षा कारणों से कई फैक्ट्रियों ने काम बंद रखा। हालांकि, 2 नवंबर को कुछ फैक्ट्रियों ने काम शुरू किया, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को हटाया। बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी की समीक्षा के लिए 6 सदस्यों का वेतन बोर्ड गठित किया है। इस बोर्ड में कर्मचारी, फैक्ट्री मालिकों के प्रतिनिधि, सरकारी और स्वतंत्र सदस्य शामिल हैं।
स्रोत: tv9hindi.com





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