धीरूभाई अंबानी स्कूल की वैश्विक सफलता
मुंबई का धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल (DAIS) 2026 के इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम की ग्लोबल रैंकिंग में नौवें स्थान पर आया है। यह स्कूल दुनिया के टॉप 10 स्कूलों में शामिल होने वाला इकलौता भारतीय स्कूल बन गया है। 2026 बैच के छात्रों ने औसतन 40.8 पॉइंट स्कोर किए, जो स्कूल का अब तक का सबसे बेहतर परिणाम है।
मुख्य तथ्य
- DAIS ने 2026 में IB डिप्लोमा प्रोग्राम में 9वां स्थान प्राप्त किया।
- स्कूल में सबसे ज्यादा 105 छात्र IB डिप्लोमा प्रोग्राम में पढ़ते हैं।
- स्कूल की स्थापना 2003 में मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में हुई।
- फीस अनुमानित रूप से सालाना 1.7 लाख रुपये से लेकर 9.65 लाख रुपये तक है।
- स्कूल में हॉस्टल नहीं है, यह केवल डे स्कॉलर के लिए है।
फीस संरचना और शुल्क
धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल ने फीस की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार फीस इस प्रकार अनुमानित है:
- एप्लीकेशन फीस: लगभग 5,000 रुपये (वापस नहीं मिलती)।
- LKG से 7वीं तक: सालाना लगभग 1.7 लाख रुपये।
- 8वीं से 10वीं (ICSE): सालाना लगभग 1.85 लाख रुपये (यह सिस्टम धीरे-धीरे बंद हो रहा है)।
- 8वीं से 10वीं (कैम्ब्रिज IGCSE): सालाना 4.48 लाख से 5.9 लाख रुपये के बीच।
- 11वीं और 12वीं (IB डिप्लोमा): सालाना करीब 9.65 लाख रुपये।
स्कूल में इंटरनेशनल बोर्ड के कारण फीस अन्य बोर्डों की तुलना में अधिक है। 8वीं से 10वीं तक कैम्ब्रिज IGCSE पैटर्न की पढ़ाई होती है और 11वीं-12वीं में IB डिप्लोमा प्रोग्राम होता है। ICSE सिस्टम को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है।
स्कूल की सुविधाएं
DAIS का कैंपस लगभग 1.3 लाख वर्ग फीट में फैला है, जिसमें 60 से अधिक एसी क्लासरूम और साइंस लैब्स हैं।
- लाइब्रेरी में 40,000 से ज्यादा किताबें और डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।
- आर्ट, म्यूजिक, लैंग्वेज और कंप्यूटर के लिए अलग-अलग कमरे हैं।
- खेलों के लिए 2.3 एकड़ का मैदान, बास्केटबॉल, टेनिस, वॉलीबॉल कोर्ट और योगा रूम मौजूद हैं।
- मेडिकल सेंटर, ऑडियो-विजुअल ऑडिटोरियम और दो डाइनिंग हॉल भी हैं, जहां शाकाहारी भोजन और स्नैक्स मिलते हैं।
एडमिशन प्रक्रिया
स्कूल में आमतौर पर 8वीं और 11वीं क्लास में बाहरी छात्रों का प्रवेश होता है, जो खाली सीट, योग्यता और नियमों पर निर्भर करता है।
- 8वीं क्लास के लिए नवंबर में एंट्रेंस टेस्ट होता है, इसके बाद इंटरैक्टिव सत्र और 500 शब्दों में विचार लिखना होता है।
- 11वीं क्लास में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQ) टेस्ट, फिर थ्योरी परीक्षा और इंटरैक्टिव सत्र होते हैं।
- छोटी कक्षाओं में आवेदन के बाद बच्चों और अभिभावकों के साथ बातचीत होती है।
"बच्चों की लगन, कुछ नया सीखने की चाहत और बेहतरीन पढ़ाई की वजह से ही यह कामयाबी मिली है।" - स्कूल मैनेजमेंट
स्रोत: hindi.asianetnews.com





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