भारतीय वायुसेना ने दिल्ली के रेसकोर्स एयरफोर्स स्टेशन की 39.5 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) को सौंप दी है। यह फैसला बुधवार को लिया गया और जमीन बिना किसी बदलाव के मौजूदा स्थिति में सौंपी गई।
रेसकोर्स एयरफोर्स स्टेशन की जमीन का विवरण
रेसकोर्स एयरफोर्स स्टेशन परिसर में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट समेत कई खेल सुविधाएं मौजूद हैं। L&DO ने कुल 39.9 एकड़ जमीन की मांग की थी, जिसमें से 39.5 एकड़ जमीन अब उसे सौंपी गई है। यह जमीन प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के नजदीक स्थित है।
जमीन के क्षेत्रफल की जांच के लिए संयुक्त सर्वे
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जमीन के कुल क्षेत्रफल की पुष्टि के लिए रक्षा संपदा कार्यालय, भारतीय वायुसेना और L&DO की संयुक्त टीम सर्वे करेगी। इस सर्वे से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमीन के क्षेत्रफल में कोई कमी या बढ़ोतरी नहीं हुई है।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद और वायुसेना की परंपरा प्रभावित
जमीन का हस्तांतरण ऐसे समय में हुआ है जब इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को कुछ दिन पहले बंद कर दिया गया था। इससे भारतीय वायुसेना की एक पुरानी परंपरा भी प्रभावित हुई। पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के रिटायरमेंट पर होने वाला ‘‘गोल्फिंग आउट’’ समारोह इस बार नहीं हो पाया।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर को रिटायर हुए थे। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस फैसले पर पुनर्विचार की अपील की थी। वायुसेना ने इस स्टेशन की ऑपरेशनल अहमियत और यहां मौजूद सुविधाओं को लेकर चिंता व्यक्त की थी। साथ ही ड्रोन जैसे हवाई खतरों से निपटने में इस स्टेशन की भूमिका का भी हवाला दिया गया था।
दिल्ली में सरकारी जमीनों की वापसी की कार्रवाई
केंद्र सरकार लोक कल्याण मार्ग के आसपास की कई महत्वपूर्ण जमीनों को वापस लेने में सक्रिय है। इनमें से कुछ जमीनें संस्थाओं और क्लबों को लीज पर दी गई थीं।
- दिल्ली रेस क्लब: अगस्त में L&DO ने 53.24 एकड़ जमीन अपने कब्जे में लेकर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को सौंप दी।
- जयपुर पोलो ग्राउंड: जून में केंद्र सरकार ने 15.20 एकड़ जमीन कब्जे में ली, जो इंडियन पोलो एसोसिएशन के पास थी।
- दिल्ली जिमखाना क्लब: मई में करीब 27 एकड़ जमीन की लीज रद्द की गई। क्लब ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, मामला अभी लंबित है।
सरकार की जमीन वापस लेने की मंशा
L&DO ने 2017 में भी इन इलाकों की कई जमीनों को खाली कराने के नोटिस जारी किए थे। इनमें एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जयपुर पोलो ग्राउंड, ओल्ड विलिंगडन कैंप और संतुष्टि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स शामिल थे, लेकिन तब कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। अब केंद्र सरकार ने जमीन वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सरकार का कहना है कि इन जमीनों का उपयोग सार्वजनिक जरूरतों, सरकारी संस्थानों और रक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए किया जाएगा। हालांकि रेसकोर्स एयरफोर्स स्टेशन की जमीन के भविष्य के उपयोग को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
अंजू निर्वाण की रिपोर्टिंग
अंजू निर्वाण राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों की प्रमुख पत्रकार हैं। वे टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और भारत के सैन्य आधुनिकीकरण, नौसेना तथा मिसाइल प्रणालियों पर रिपोर्टिंग करती हैं। उन्होंने युद्ध क्षेत्रों से रिपोर्टिंग की है और शीर्ष रक्षा अधिकारियों के इंटरव्यू भी लिए हैं।
महत्वपूर्ण बातें
- भारतीय वायुसेना ने 39.5 एकड़ जमीन L&DO को सौंपी।
- जमीन की जांच के लिए संयुक्त टीम सर्वे करेगी।
- स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने के कारण वायुसेना की परंपरा प्रभावित हुई।
- केंद्र सरकार दिल्ली में कई सरकारी जमीनों को वापस ले रही है।
स्रोत: tv9hindi.com





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