भारत में धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और वाहन खरीदने का रिवाज है। लेकिन ज्योतिष के अनुसार, धनतेरस पर सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक राहुकाल रहेगा, जो करीब 1 घंटे 22 मिनट तक होगा। इस दौरान खरीदारी या कोई शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
मुख्य तथ्य
- धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।
- राहुकाल सुबह 10:42 से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा।
- राहुकाल में नए काम, खरीदारी और मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए।
- शुभ चौघड़िया मुहूर्त खरीदारी के लिए दोपहर 12:04 से 1:26 बजे तक है।
- पूजा का शुभ समय शाम 6:02 से 7:57 बजे तक रहेगा।
धनतेरस पर राहुकाल का समय और प्रभाव
नई दिल्ली के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के दिन राहुकाल सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, इस समय में कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। राहुकाल में शुरू किए गए कामों में बाधाएं, देरी या विघ्न आने की संभावना मानी जाती है। इसलिए धनतेरस जैसे शुभ दिन पर भी राहुकाल का ध्यान रखना जरूरी है।
राहुकाल में किन कार्यों से बचें
- नया व्यवसाय शुरू न करें: राहुकाल में किसी नए व्यापार या दुकान का उद्घाटन उचित नहीं माना जाता।
- मांगलिक कार्य टालें: विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे शुभ कार्य इस समय न करें।
- नई यात्रा न करें: महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत भी राहुकाल में न करें।
- कीमती वस्तुओं की खरीदारी न करें: सोना-चांदी, वाहन, मकान, मोबाइल या टीवी जैसी महंगी चीजें राहुकाल में न खरीदें।
- पैसों का लेन-देन न करें: बड़े आर्थिक समझौते, उधार या दस्तावेजों पर हस्ताक्षर से बचें।
- करियर से जुड़े फैसले टालें: नौकरी के इंटरव्यू, कॉलेज एडमिशन या महत्वपूर्ण निर्णय इस समय न लें।
धनतेरस पर शुभ चौघड़िया मुहूर्त
धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त का खास महत्व है। नई दिल्ली के अनुसार, सोना-चांदी और बर्तन खरीदने के लिए ये समय उत्तम माना जाता है:
- अमृत चौघड़िया: सुबह 10:31 से 10:42 बजे तक
- शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:04 से 1:26 बजे तक
- चर चौघड़िया: शाम 4:10 से 5:32 बजे तक
- लाभ चौघड़िया: रात 8:48 से 10:26 बजे तक
धनतेरस पूजा के शुभ समय
- धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 5:32 बजे से रात 8:09 बजे तक
- वृषभ काल (स्थिर लग्न): शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक
- यम दीपदान का समय: शाम 5:32 बजे से 6:51 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा का दिन है। समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि के अमृत कलश लेकर प्रकट होने की कहानी इस दिन से जुड़ी है। इसलिए यह पर्व धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
टीवी9 भारतवर्ष ने स्पष्ट किया है कि इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है और इसकी पुष्टि नहीं करता।
स्रोत: tv9hindi.com





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