नोएडा और गाजियाबाद में स्मॉग के कारण हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है, जहां AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया है।
नोएडा में हवा की गुणवत्ता का हाल
सर्दी आने से पहले ही नोएडा में हवा जहरीली हो गई है। सुबह के समय स्मॉग की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है। नोएडा के सेक्टर 39 में पीएम 2.5 का स्तर 335, सेक्टर 150 में 317, सेक्टर 62 में 368, सेक्टर 125 में 267, सेक्टर 116 में 277 और सेक्टर 1 में 283 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-III में पीएम 2.5 का स्तर 205 जबकि शिव नादर यूनिवर्सिटी के पास 259 पहुंच गया है।
गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में प्रदूषण
गाजियाबाद के कई इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक है। गोविंदपुरम में 127, इंदिरापुरम में 260, वसुंधरा में 262, वेव सिटी के पास 308, लोनी में 360, संजय नगर में 311 और नई तहसील लोनी में 372 एक्यूआई दर्ज किया गया। मोदीनगर के एसआरएम यूनिवर्सिटी के पास 257 और मुजफ्फरनगर के न्यू मंडी इलाके में 264 का स्तर पाया गया।
आगरा और अन्य शहरों की स्थिति
आगरा में भी हवा की गुणवत्ता खराब है। शास्त्रीपुर में 202, शाहजहां गार्डन में 118, सेक्टर-3बी आवास विकास कॉलोनी में 137, रोहता में 216, मनोहरपुर में 122 और संजय पैलेस के पास 173 AQI रिकॉर्ड किया गया। खोड़ा के प्रशांत गार्डन इलाके में 303 का स्तर दर्ज किया गया है। बरेली के राजेंद्र नगर में 184 और सिविल लाइंस में 57, झांसी के शिवाजी नगर में 92 एक्यूआई है।
अन्य प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता
मेरठ के जय भीम नगर इलाके में 325, गंगा नगर के पास 252, एमआईईटी कॉलेज के पास 91 और पल्लवपुरम फेस-2 इलाके में 329 AQI दर्ज किया गया। प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू एनआईटी के पास 38, नगर निगम के पास 88 और झूंसी इलाके में 50 रिकॉर्ड हुआ। वाराणसी के मलदहिया इलाके में 77 और भेलूपुर में 81 के स्तर पर है। लखनऊ के बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के पास 38, कुकरैल पिकनिक स्पॉट-1 के पास 37 और तालकटोरा डिस्ट्रिक्ट इंडस्टी सेंटर के पास 52 दर्ज किया गया।
प्रदूषण की गंभीरता और स्वास्थ्य पर प्रभाव
सूत्रों के अनुसार, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में पीएम 2.5 का स्तर इतनी अधिक मात्रा में पहुंचना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। स्मॉग की वजह से सांस लेने में दिक्कत और विजिबिलिटी कम होना आम लोगों के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल इस स्थिति को लेकर किसी सरकारी विभाग की ओर से कोई नई राहत या कदमों की घोषणा नहीं हुई है।
क्यों यह खबर महत्वपूर्ण है
सर्दियों के शुरू में ही हवा की गुणवत्ता खराब होना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चुनौती है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों की हवा में इतनी जहरीली मात्रा प्रदूषण की बढ़ती समस्या को दर्शाती है, जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकती है।
मुख्य तथ्य
- नोएडा के कई सेक्टरों में पीएम 2.5 का स्तर 300 से ऊपर है।
- गाजियाबाद के लोनी और नई तहसील लोनी में AQI 360 और 372 दर्ज किया गया।
- आगरा, मेरठ, बरेली, झांसी समेत अन्य शहरों में भी प्रदूषण उच्च स्तर पर है।
- स्मॉग के कारण विजिबिलिटी कम होना और सांस लेने में दिक्कतें बढ़ रही हैं।
स्रोत: hindi.news18.com





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