दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने व्यापक एंटी-पॉल्यूशन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई, 270 मिस्टिंग पोल और 4 एंटी-स्मॉग गन लगाए गए हैं। साथ ही, 21.24 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं और पार्कों में 143 एकड़ क्षेत्र में घास बिछाई गई है।
प्रमुख तथ्य
- 270 मिस्टिंग पोल द्वारका क्षेत्र में लगाए गए हैं।
- 166 किमी सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई रोहिणी जोन में हो रही है।
- 4 एंटी-स्मॉग गन नॉर्थ और साउथ जोन में तैनात हैं।
- 21.24 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए और 143 एकड़ में घास बिछाई गई।
- खुले में कूड़ा जलाने पर रोक के लिए जिला स्तर पर टीमें बनाई गई हैं।
मिस्टिंग पोल से धूल फैलाव पर नियंत्रण
द्वारका में कुल 11.8 किमी क्षेत्र में 270 मिस्टिंग पोल लगाए गए हैं। इनमें सेक्टर-8 में 3 किमी का नया नेटवर्क शामिल है, जहां 66 मिस्टिंग पोल लगाए गए हैं। मालेरिया इंस्टीट्यूट के पास 30 मीटर चौड़ी सड़क पर 26 पोल, रोड नंबर-226 पर 24 और रोड नंबर-202 पर 16 मिस्टिंग पोल लगाए गए हैं। हर पोल में 30 मिस्टिंग नोजल लगे हैं जो सुबह 7 से 11 बजे और शाम 4 से 8 बजे के बीच हर घंटे 10 से 15 मिनट के लिए पानी की बारीक फुहार छोड़ते हैं। इसका उद्देश्य सड़क पर जमा धूल को हवा में उड़ने से रोकना है।
मैकेनाइज्ड सफाई और वाटर स्प्रिंकलर की तैनाती
रोहिणी जोन के सेक्टर-26, 29, 30, 34, 35, 36 और 37 में 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कों की 166 किमी मैकेनाइज्ड सफाई की जा रही है। इसमें फुटपाथ, साइड बर्म और साइकिल ट्रैक भी शामिल हैं। नरेला में दो मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीन (MRSM) और सात वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जबकि रोहिणी में एक स्वीपिंग मशीन काम कर रही है। नॉर्थ जोन में चार वाटर स्प्रिंकलर और एक एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई है, वहीं साउथ जोन में सात वाटर स्प्रिंकलर और तीन एंटी-स्मॉग गन लगाए गए हैं।
प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण
DDA ने खुले में कूड़ा जलाने, मलबा फेंकने और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक के लिए जिला और सब-डिवीजन स्तर पर विशेष टीमें बनाई हैं। निर्माण स्थलों पर सीमेंट, रेत और अन्य सामग्री को ग्रीन नेट से ढकना अनिवार्य किया गया है ताकि धूल हवा में न फैले। प्रदूषण संबंधी शिकायतों की निगरानी के लिए 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली और SAMEER ऐप का उपयोग किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
हरियाली बढ़ाने के प्रयास
DDA का हॉर्टिकल्चर विभाग भी प्रदूषण नियंत्रण में सक्रिय है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 21.24 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। पार्कों के 143 एकड़ खाली और सूखे हिस्सों में घास लगाई गई है। सड़कों के किनारे करीब 8 किमी क्षेत्र में हरियाली बढ़ाई गई है। साथ ही, पेड़ों और पौधों को पानी से धोया जा रहा है और पार्कों के वॉकिंग ट्रैक पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि धूल हवा में न उड़ सके।
खुले स्थानों पर आयोजनों को हतोत्साहित किया जाएगा
प्रदूषण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए DDA ने अपने पार्कों और खुली जगहों पर आयोजनों के लिए बुकिंग को हतोत्साहित करने का निर्णय लिया है। यह कदम सर्दियों में धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए अहम माना जा रहा है। DDA ने साफ किया है कि सफाई, पानी का छिड़काव, मिस्टिंग, पौधारोपण और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई जारी रहेगी ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
स्रोत: hindi.news18.com





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