दिल्ली, दिवाली 2026 के अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा में दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करना शुभ माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस शंख की स्थापना से घर में धन-संपत्ति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है।
दक्षिणावर्ती शंख क्यों है खास?
दक्षिणावर्ती शंख का मुख दाईं ओर होता है, जो इसे सामान्य शंख से अलग और दुर्लभ बनाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी प्रकट हुईं थीं, इसलिए शंख को विशेष रूप से उनके साथ जोड़ा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में यह शंख कारोबार, करियर और स्वास्थ्य के लिए शुभ माना जाता है। माना जाता है कि जहां दक्षिणावर्ती शंख की पूजा होती है, वहां सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
दिवाली पर दक्षिणावर्ती शंख कैसे स्थापित करें?
दिवाली की शाम मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के समय दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना करना सबसे शुभ होता है। सबसे पहले शंख को स्वच्छ जल से धोकर साफ करें। फिर पूजा स्थल पर लाल या पीले कपड़े पर इसे रखें। शंख पर गंगाजल या स्वच्छ जल छिड़कें और अक्षत, चंदन तथा फूल अर्पित करें। शंख को चावल या स्वच्छ वस्त्र पर रखना चाहिए और मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाना आवश्यक है।
दक्षिणावर्ती शंख मंत्र और जाप
दक्षिणावर्ती शंख की पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के निम्न मंत्र का जाप किया जाता है:
- ऊँ ह्रीं श्रीं नम: श्रीधरकरस्थाय पयोनिधिजातायं
- लक्ष्मीसहोदराय फलप्रदाय फलप्रदाय
- श्री दक्षिणावर्त्त शंखाय श्रीं ह्रीं नम:.
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
"इन मंत्रों के जाप से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।"
दक्षिणावर्ती शंख को कहां रखें?
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिणावर्ती शंख को पूजा स्थल में साफ और स्वच्छ स्थान पर रखना चाहिए। इसे लाल या पीले वस्त्र पर स्थापित करना शुभ माना जाता है। शंख को हमेशा साफ सुथरा रखना जरूरी है और नियमित पूजा करनी चाहिए। शंख में चावल या चांदी का सिक्का डालकर रखना भी शुभ होता है।
दक्षिणावर्ती शंख के नियम क्या हैं?
शंख को पूजा स्थल में रखा जाना चाहिए और मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए इसका नियमित पूजन करना चाहिए। शंख के पास गंदगी या बेकार की चीजें नहीं रखनी चाहिए। इसे ऐसे स्थान पर न रखें जहां किसी के पैर लगें। दिवाली की रात इसे स्थापित करने से धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति मानी जाती है।
विशेषज्ञ रजनी गुप्ता का परिचय
रजनी गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संस्कृत में एमए और एमफिल (ज्योतिष) की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने भारतीय विद्या भवन से वास्तु शास्त्र में डिप्लोमा भी लिया है। वे अंक शास्त्र और टैरो कार्ड विद्या में भी पारंगत हैं। पिछले 17 वर्षों से ज्योतिष के क्षेत्र में काम कर रही रजनी गुप्ता Astropatri.com से जुड़ी हैं और लोगों को सही मार्गदर्शन देती हैं।
लोगों के लिए सवाल और जवाब
- दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना कब करें?
दिवाली की शाम मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के दौरान इसे स्थापित करना शुभ होता है। - शंख को किस स्थान पर रखना चाहिए?
पूजा स्थल में साफ-सुथरे और स्वच्छ स्थान पर लाल या पीले वस्त्र पर रखना शुभ होता है।
मुख्य बिंदु
- दक्षिणावर्ती शंख का मुख दाईं ओर होता है और यह मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है।
- दिवाली की शाम पूजा के समय इसे स्थापित करना शुभ माना जाता है।
- शंख की स्थापना से धन, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है।
- शंख की पूजा मंत्रों के जाप से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
स्रोत: tv9hindi.com





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