Bharat Vistaar
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
प्रशांत किशोर ने CM सम्राट चौधरी के क्राइम बयान पर कसा तंजमहिंद्रा स्कॉर्पियो N Edition One में वाइन रेड केबिन और ब्लैक एक्सटीरियरदिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत गिरने से दो मौतेंरामायण फिल्म में यश के रावण ने रणबीर के राम को टक्कर दीडर्मेटोलॉजिस्ट संदीप अरोड़ा से जानें पिगमेंटेशन के कारण और बचाव के उपायOECD रिपोर्ट: AI ट्यूटर से कम समय में बेहतर सीख रहे छात्रनागपुर में पिता-पुत्र पर कबाड़ घोषित हाइड्रो क्रेन के साथ धोखाधड़ी का आरोपचुनाव आयोग ने छह राज्यों में SSR शुरू करने का आदेश, 21 जनवरी 2027 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगीसुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार ने यूजीसी नियमों की समीक्षा के लिए कमेटी बनाने का प्रस्ताव दियाBigg Boss 20: काजी तौकीर की पत्नी हिफ्सा ने शेयर किया इमोशनल नोट
विज्ञापन
Leaderboard Banner
Leaderboard Banner

डर्मेटोलॉजिस्ट संदीप अरोड़ा से जानें पिगमेंटेशन के कारण और बचाव के उपाय

डर्मेटोलॉजिस्ट संदीप अरोड़ा के अनुसार पिगमेंटेशन के कारण और बचाव के लिए धूप से बचाव और सही त्वचा देखभाल जरूरी है।

डर्मेटोलॉजिस्ट संदीप अरोड़ा से जानें पिगमेंटेशन के कारण और बचाव के उपाय

त्वचा पर भूरे या काले धब्बे पड़ना यानी पिगमेंटेशन एक सामान्य समस्या है, जिसका मुख्य कारण त्वचा में मेलेनिन नामक पिगमेंट का अधिक बनना या जमा होना होता है। अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट डर्मेटोलॉजी डॉक्टर संदीप अरोड़ा के अनुसार, पिगमेंटेशन की सबसे बड़ी वजह धूप में अधिक समय बिताना है।

पिगमेंटेशन के मुख्य कारण

डॉक्टर संदीप अरोड़ा ने बताया कि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा में मेलेनिन के उत्पादन को बढ़ा देती हैं, जिससे चेहरे, माथे, गाल और हाथों पर काले धब्बे दिखाई देने लगते हैं। इसके अलावा हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था, थायराइड की समस्याएं, उम्र बढ़ना, आनुवंशिक प्रभाव और कुछ दवाओं का सेवन भी पिगमेंटेशन का कारण बन सकते हैं।

कई बार मुंहासे, चोट या त्वचा की सूजन ठीक होने के बाद भी उस स्थान पर काले निशान रह जाते हैं, जो पिगमेंटेशन का रूप ले लेते हैं।

पिगमेंटेशन से बचाव के उपाय

डॉक्टर ने बताया कि पिगमेंटेशन से बचाव के लिए सबसे जरूरी है त्वचा को धूप से बचाना। घर से बाहर निकलने से 15 से 20 मिनट पहले एसपीएफ 30 या इससे अधिक वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए और हर 2-3 घंटे में इसे दोबारा लगाना चाहिए। तेज धूप में छाता, टोपी और सनग्लासेस का उपयोग भी करना चाहिए।

इसके अलावा त्वचा की नियमित सफाई और मॉइस्चराइजिंग भी जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के फेयरनेस क्रीम, स्टेरॉयड युक्त क्रीम या केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का उपयोग नुकसानदेह हो सकता है।

घरेलू नुस्खों से सावधानी

नींबू जैसे एसिडिक घरेलू नुस्खे चेहरे पर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि ये त्वचा में जलन और पिगमेंटेशन को बढ़ा सकते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

डॉक्टर संदीप अरोड़ा ने कहा कि यदि धब्बे तेजी से बढ़ रहे हों या लंबे समय तक ठीक न हो रहे हों तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। सही समय पर कारण की पहचान और उचित इलाज से पिगमेंटेशन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

स्रोत: tv9hindi.com

यह खबर शेयर करें
स
संपादकीय टीम · Bharat Vistaar

Bharat Vistaar की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।