स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस प्रभारी की मुलाकात
उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम की मुलाकात ने नए राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बैठक के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मौर्य कांग्रेस या विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के करीब आ रहे हैं। इस मामले में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि गठबंधन में शामिल करने का फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा।
आराधना मिश्रा मोना का बयान
स्वामी प्रसाद मौर्य के कांग्रेस या INDIA ब्लॉक में शामिल होने की संभावना पर जब सवाल किया गया तो आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि INDIA ब्लॉक का गठन राष्ट्रीय स्तर पर बड़े राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने किया था। इस कारण किसी नए दल या नेता को गठबंधन में शामिल करने का फैसला भी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।
सपा की प्रतिक्रिया और राजनीतिक हलचल
स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस प्रभारी की मुलाकात पर समाजवादी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी। लखनऊ में सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस को यह तय करना है कि वे किससे और क्यों मिलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता चाहे तो समाजवादी पार्टी से भी बात कर सकते हैं।
उदयवीर सिंह ने बताया कि INDIA ब्लॉक से जुड़ी चर्चाएं राहुल गांधी के स्तर पर हो रही हैं। जब राहुल गांधी इस विषय पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बातचीत करेंगे, तब कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर आराधना मिश्रा का सवाल
बातचीत के दौरान आराधना मिश्रा मोना ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में लगभग 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या सूची से हटाए गए सभी लोग घुसपैठिए थे?
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की ओर से 1.25 करोड़ से 1.5 करोड़ नाम कटने की बात भी स्वीकार की गई है, जो भाजपा की हताशा को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली में हुए जन आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उसमें यूपी के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था।
स्वामी प्रसाद मौर्य की नई राजनीतिक दिशा
स्वामी प्रसाद मौर्य पहले समाजवादी पार्टी के सदस्य थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी, अपनी जनता पार्टी बनाई। अब कांग्रेस प्रभारी से उनकी हालिया मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वे विपक्षी गठबंधन के साथ नई राजनीतिक शुरुआत करने वाले हैं।
फिलहाल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ने इस मुलाकात को लेकर कोई राजनीतिक घोषणा नहीं की है। इसलिए यह साफ नहीं हो पाया है कि स्वामी प्रसाद मौर्य INDIA ब्लॉक का हिस्सा बनेंगे या नहीं।
नई सियासी समीकरणों की संभावना
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुलाकात को संभावित नए सियासी समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा कि स्वामी प्रसाद मौर्य की अगली राजनीतिक चाल क्या होगी और वे किस दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
स्रोत: jansandeshtimes.in





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