मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में नगरीय विकास को बढ़ावा देना और शहरी अधोसंरचना में निवेश को प्रोत्साहित करना है।
शहरी विकास और निवेश पर व्यापक चर्चा
इस कॉन्क्लेव में निवेश, नवाचार, डिजिटल गवर्नेंस और पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी कीं, जिनमें शहरी क्षेत्रों में निवेश के अवसर, विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य के सहयोग पर चर्चा हुई।
प्रदेश सरकार ‘विकसित मध्यप्रदेश @ 2047’ के लक्ष्य के तहत आधुनिक, हरित और पर्यावरण अनुकूल शहरों के निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है।
टियर-2 शहरों के विकास पर क्या होगा ध्यान?
कॉन्क्लेव में टियर-2 शहरों के विकास के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में शहरी पुनर्विकास, परिवहन आधारित विकास, आवास, मास्टर प्लान, डेवलपमेंट कॉरिडोर और शहरी नियोजन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, विकास अनुमतियों और अनापत्ति प्रमाण-पत्रों में सुधार पर भी विचार हुआ।
डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए स्वचालित भवन अनुज्ञा प्रणाली, ऑनलाइन एनओसी, जीआईएस आधारित नियोजन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे उपायों पर भी चर्चा हुई। शहरी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली का उपयोग करने पर जोर दिया गया।
जल सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल शहर कैसे बनेंगे?
कॉन्क्लेव में जलवायु अनुकूल शहरों, जल सुरक्षा और सर्कुलर इकोनॉमी पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में शहरी जल प्रबंधन, जल के पुनः उपयोग, अमृत 2.0, सिटी फॉरेस्ट, सेंट्रल पार्क और वायु गुणवत्ता सुधार की पहलों पर चर्चा हुई।
इसके साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे से ऊर्जा उत्पादन, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) इकोसिस्टम के विकास पर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। शहरों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न विकल्पों पर मंथन हुआ।
शहरी परियोजनाओं के वित्तपोषण के विकल्प क्या हैं?
शहरी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने को लेकर भी कॉन्क्लेव में चर्चा हुई। अर्बन चैलेंज फंड, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), ग्रीन बॉन्ड, नगर पालिका बॉन्ड, टेंपल बॉन्ड और संयुक्त उपक्रम जैसे वित्तीय विकल्पों पर विचार किया गया।
इसके अलावा बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों से सहयोग, अनुदान और वायबिलिटी गैप फंडिंग के माध्यम से परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी मंथन हुआ। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे सहित वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश में नगरीय विकास को बढ़ावा देना, निवेश को प्रोत्साहित करना और शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाना चाहता है। - शहरी परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण के कौन-कौन से विकल्प सुझाए गए?
वित्तपोषण के लिए अर्बन चैलेंज फंड, पीपीपी, ग्रीन बॉन्ड, नगर पालिका बॉन्ड, टेंपल बॉन्ड और संयुक्त उपक्रम जैसे विकल्पों पर विचार किया गया।
मुख्य तथ्य
- 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में कॉन्क्लेव हुआ।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
- शहरी विकास, निवेश, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
- टियर-2 शहरों के विकास और वित्तपोषण के विकल्पों पर विशेष फोकस था।
- कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
स्रोत: mpbreakingnews.in





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