AI और कंपनियों पर इसके प्रभाव का KPMG सर्वे में खुलासा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव को लेकर KPMG US के चेयरमैन और CEO टिम वॉल्श ने 2026 के US CEO Outlook सर्वे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस सर्वे में 400 CEOs की राय शामिल है, जिसमें AI के कारण कंपनियों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया गया है।
कंपनियों को साइबर सुरक्षा खतरे से सबसे बड़ा डर
KPMG के सर्वे में 85% CEOs ने अगले तीन वर्षों में साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को अपनी कंपनियों के लिए प्रमुख खतरा बताया है। इनमें से करीब 48% कंपनियां साइबर सुरक्षा में निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं। AI के बढ़ते उपयोग ने इन जोखिमों को और गंभीर बना दिया है।
- 78% CEOs ने AI के कारण सोशल इंजीनियरिंग और लक्षित साइबर हमलों का खतरा बताया।
- 76% ने AI से विकसित मैलवेयर और फिशिंग हमलों को चिंता का कारण माना।
- 73% ने AI एजेंट्स से जुड़ी डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी जोखिमों पर ध्यान दिया।
- पुराने तकनीकी सिस्टम पर निर्भर कंपनियों के लिए AI अपनाना और डेटा सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी बताया गया।
AI के चलते नौकरियों में बदलाव और हायरिंग की योजना
सर्वे में 53% CEOs ने कहा कि वे अगले दो से पांच वर्षों में कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या कम करेंगे। यह आंकड़ा पिछले साल 35% था। हालांकि, कुल मिलाकर नौकरियों की संख्या घटने की संभावना कम है। 89% CEOs ने भविष्य में अपने संगठन में कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद जताई है। इसका मतलब यह है कि AI से जुड़ी नई तकनीकी भूमिकाओं के लिए नई भर्तियां होंगी, जबकि कुछ पारंपरिक पद घट सकते हैं।
नई तकनीकी स्किल्स और कर्मचारियों का प्रशिक्षण
KPMG के अनुसार, 86% CEOs अपनी टीमों और भूमिकाओं को AI के साथ मिलकर काम करने के लिए फिर से डिज़ाइन कर रहे हैं। 83% कंपनियां कर्मचारियों को नई तकनीकी स्किल्स सिखाने और प्रतिभाशाली लोगों को बनाए रखने पर ध्यान दे रही हैं। 79% CEOs AI और टेक्नोलॉजी में दक्ष लोगों की भर्ती करना चाहते हैं। टिम वॉल्श ने बताया कि AI बड़े डेटा के विश्लेषण और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर रहा है, लेकिन इंसानी समझ और भागीदारी अभी भी आवश्यक है।
AI के दौर में कंपनियों की चुनौतियां और अवसर
AI का असर सिर्फ तकनीकी बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कंपनियों की सुरक्षा, कर्मचारियों की भूमिकाओं और भर्ती प्रक्रिया को भी प्रभावित कर रहा है। कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती है कि वे AI का लाभ उठाते हुए साइबर सुरक्षा को मजबूत करें और कर्मचारियों को बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार रखें। इससे न केवल कंपनियों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना भी बेहतर तरीके से कर सकेंगी।
मुख्य बिंदु
- 85% CEOs को अगले तीन साल में साइबर सुरक्षा खतरे का डर है।
- 53% कंपनियां कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटाएंगी, जबकि कुल हायरिंग बढ़ेगी।
- 86% CEOs AI के साथ काम करने के लिए टीमों को पुनर्गठित कर रहे हैं।
- 79% कंपनियां AI में कुशल कर्मचारियों की भर्ती पर ध्यान दे रही हैं।
स्रोत: hindi.asianetnews.com





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।