उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 नवंबर को होने वाले अयोध्या दीपोत्सव समेत आने वाले त्योहारों को लेकर मंगलवार को अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस समीक्षा में उन्होंने अधिकारियों को त्योहारों के दौरान सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा और सौहार्द को क्यों माना गया जरूरी?
सीएम योगी ने बैठक में कहा कि त्योहार उल्लास, उमंग, आस्था और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में मनाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करते हुए सतर्कता से काम करने को कहा गया।
क्या कहा गया उपद्रव और अफवाह फैलाने वालों के बारे में?
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की साजिश या उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने और अफवाहें फैलाने या भड़काऊ बयानबाजी करने वालों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अयोध्या दीपोत्सव की तैयारियों पर क्या दिशा-निर्देश दिए?
अयोध्या में 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव के लिए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अंतरजनपदीय और स्थानीय स्तर पर योजना तैयार करने, वाहनों के मार्ग में बदलाव की जानकारी पहले से उपलब्ध कराने तथा प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए।
बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में क्या सुरक्षा इंतजाम होंगे?
धनतेरस और दीपावली के मद्देनजर मुख्य बाजारों में पुलिस की निगरानी बढ़ाने, पैदल गश्त सघन करने और सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने के निर्देश दिए गए। सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा (पीआरवी-112) को सक्रिय रखने का आदेश दिया। साथ ही प्रतिमा स्थापना कार्यक्रमों के लिए समय पर अनुमति देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
पटाखों की बिक्री और सुरक्षा के संबंध में क्या निर्देश दिए गए?
पटाखों की बिक्री को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि पटाखों की दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी से दूर, खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही बनाए जाएं। साथ ही, त्योहारों के दौरान विवाद खड़ा करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
बैठक में किन अधिकारियों ने हिस्सा लिया?
सीएम योगी की इस हाई लेवल समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
"त्योहारों के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए। सामाजिक सौहार्द एवं सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
स्रोत: indiatv.in





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