नोरा फतेही की लीगल टीम ने स्पष्ट किया है कि सुकेश चंद्रशेखर केस में उनका नाम आरोपी के रूप में नहीं है, बल्कि वे केवल गवाह के तौर पर शामिल हैं। 2 नवंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश के बाद अब मामला 6 नवंबर तक टाल दिया गया है।
मुख्य बातें
- नोरा फतेही को कोर्ट में गवाह के रूप में बुलाया गया है।
- उनकी कानूनी टीम ने कहा कि वे आरोपी नहीं हैं।
- कोर्ट में पेश होने की तारीख 6 नवंबर कर दी गई है।
- सुकेश चंद्रशेखर पर 200 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
- नोरा की जांच आर्थिक अपराध शाखा ने की थी।
नोरा की कानूनी टीम का बयान
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नोरा फतेही की लीगल टीम ने मंगलवार को बयान जारी किया। इसमें उन्होंने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई थी। नोरा को गवाह के तौर पर बुलाया गया था।
उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें समन बहुत कम समय पहले मिला था और पहले से तय व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं के कारण वे कोर्ट में पेश नहीं हो सकीं। उन्होंने कोर्ट से व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की अर्जी दी। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मामले को 6 नवंबर 2026 तक टाल दिया। साथ ही नोरा के लिए नया समन भी जारी किया गया।
लीगल टीम ने दोहराया कि नोरा इस केस में कोई आरोपी नहीं हैं और उन पर कोई अपराध करने का आरोप नहीं है। वे केवल कोर्ट की मदद के लिए गवाह के रूप में बुलाए गए हैं।
सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप और जांच
सुकेश चंद्रशेखर पर करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी और जबरन वसूली का आरोप है। वे उस समय दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद थे। आरोप है कि उन्होंने खुद को उच्च सरकारी अधिकारी बताकर इस रकम की वसूली की।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले की जांच की और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत चार्जशीट दाखिल की।
नोरा फतेही से भी इस मामले में पहले पूछताछ की गई थी। जांच के दौरान उनके और सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉल के साथ संबंधों के बारे में सवाल किए गए थे। नोरा का बयान भारतीय दंड संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत दर्ज किया गया था।
उनकी गवाही सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में शामिल की गई। नोरा ने बताया कि उनकी बातचीत सुकेश से उसकी पत्नी के माध्यम से होती थी।
स्रोत: tv9hindi.com





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