नई दिल्ली: दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। मंगलवार सुबह आठ बजे राजधानी का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 451 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर और बहुत खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में गंभीर प्रदूषण
दिल्ली के जहांगीरपुरी में AQI 449 और रोहिणी में 429 दर्ज किया गया। पंजाबी बाग में 424, अलीपुर में 413, बवाना में 408, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) के आसपास 407, नरेला में 406 और विवेक विहार में 410 का स्तर पाया गया। ये सभी इलाके गंभीर वायु प्रदूषण श्रेणी में हैं। राजधानी के अन्य हिस्सों जैसे पटपड़गंज (379), आरके पुरम (374), आईटीओ (373), आईआईटी दिल्ली (369), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (355), चांदनी चौक (354), ओखला फेज-2 (352), पूसा (394), मुद्रिका क्षेत्र (396) और दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस (386) में भी वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई। अशोक विहार का स्तर 350 रहा, जबकि आनंद विहार में AQI 278 था। दिल्ली का औसत AQI 331 है, जो ‘‘बहुत खराब’’ श्रेणी में आता है।
नोएडा में भी प्रदूषण का गंभीर स्तर
दिल्ली से सटे नोएडा में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सेक्टर-62 में AQI 404 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। सेक्टर-39 का स्तर 365 और सेक्टर-150 का 343 है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खराब वायु गुणवत्ता के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक इस प्रदूषित हवा में रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
GRAP-2 के तहत सख्त नियम लागू
प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण को सोमवार से लागू कर दिया है। इसके साथ ही राजधानी में एक नवंबर से विंटर एक्शन प्लान भी लागू है। इन नियमों के तहत बीएस-6 मानक से नीचे के बाहरी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमाओं पर पुलिस तैनात है और वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले नियमों की जानकारी अवश्य लें क्योंकि प्रतिबंध वाहनों की श्रेणी और संबंधित निर्देशों पर निर्भर करता है।
मेट्रो सेवा में वृद्धि
वाहनों की आवाजाही को सीमित करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली मेट्रो ने सप्ताह के दिनों में 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप चलाने का निर्णय लिया है। इससे मेट्रो पर अतिरिक्त ट्रिप की कुल संख्या 40 हो जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के बीच, प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती
दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वायु गुणवत्ता में बदलाव हो सकता है। फिलहाल, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय लागू हैं, लेकिन लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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