वराणसी: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के बाद धर्म और अध्यात्म की नगरी वराणसी पहुंचकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दरबार में अपनी श्रद्धा व्यक्त की और इस खास मौके की तस्वीरें अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं।
वीरेंद्र सहवाग का बाबा विश्वनाथ मंदिर दर्शन
सहवाग ने मंदिर परिसर की तस्वीरों के साथ लिखा, “जहाँ महादेव का बुलावा आ जाए, वहाँ जाना अपने आप में सौभाग्य है। जय बाबा विश्वनाथ! हर हर महादेव।” सफेद टी-शर्ट और काले चश्मे में वे मंदिर में हाथ जोड़कर खड़े नजर आए। उनकी ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रशंसकों को खूब पसंद आईं।
वराणसी में बाबा विश्वनाथ का आस्था केंद्र
वीरेंद्र सहवाग का वराणसी आगमन दर्शाता है कि बाबा विश्वनाथ की नगरी देश-विदेश की नामचीन हस्तियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। क्रिकेट, सिनेमा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रसिद्ध हस्तियां समय-समय पर काशी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करती हैं।
वीरेंद्र सहवाग का क्रिकेट करियर
मुल्तान में तिहरे शतक लगाने वाले ‘मुल्तान के सुल्तान’ वीरेंद्र सहवाग भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक और सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक हैं। मार्च 2004 में पाकिस्तान के मुल्तान में उन्होंने 309 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज के रूप में स्थापित करती है।
इसके बाद 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में उन्होंने 319 रन बनाए। सहवाग टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में से हैं।
वनडे क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन
एकदिवसीय क्रिकेट में भी सहवाग की बल्लेबाजी विस्फोटक रही। दिसंबर 2011 में इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 149 गेंदों पर 219 रनों की पारी खेली, जो उस समय वनडे क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था।
2011 विश्व कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे सहवाग ने टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 175 रन बनाए। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीनों प्रारूपों में उन्होंने कुल 17,253 रन बनाए।
सम्मान और पुरस्कार
वीरेंद्र सहवाग को क्रिकेट में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। 2002 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला। 2008 और 2009 में उन्हें विजडन के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में शामिल किया गया।
2010 में उन्हें आईसीसी का वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर चुना गया और भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा। 2023 में सहवाग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।
आध्यात्मिक यात्रा का महत्व
क्रिकेट के मैदान पर अपनी बेखौफ और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वीरेंद्र सहवाग का काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचना उनके आध्यात्मिक पक्ष की भी झलक है। महादेव की नगरी में उनकी यह यात्रा श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक शांति से जुड़ा एक खास अनुभव बनी।
स्रोत: jansandeshtimes.in





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