भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू कर दी हैं और हाईकमान ने चुनावी मोर्चा खुद संभाल लिया है। पार्टी ने सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों के लिए 10 सूत्रीय रणनीति बनाई है, जिसे कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अमित शाह की सक्रिय भूमिका
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश बीजेपी की कार्यकारिणी बैठक में शामिल होकर नेताओं से सीधे संवाद कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, यूपी प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने क्षेत्रीय नेताओं से फीडबैक लेकर चुनावी दिशा-निर्देश तय किए हैं।
BJP की 10 सूत्रीय चुनावी रणनीति
- जातीय राजनीति की बजाय विकास और सुशासन को मुख्य मुद्दा बनाएंगे। पार्टी नेताओं को विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन पर जोर देने के निर्देश मिले हैं।
- गुंडाराज के मुद्दे को चुनावी हथियार बनाएंगे और 1995 के गेस्ट हाउस कांड, 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों सहित माफिया प्रभाव, अवैध खनन जैसे मुद्दों को उठाएंगे।
- 2017 से पहले और बाद के दौर की तुलना कर योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियां उजागर की जाएंगी।
- समाजवादी पार्टी के PDA समीकरण (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को चुनौती देने के लिए व्यापक सामाजिक समर्थन जुटाने पर फोकस होगा।
- पश्चिमी यूपी, ब्रज, रोहिलखंड, अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में मेगा रैलियों के ज़रिए चुनावी माहौल बनाया जाएगा।
- मोदी-योगी मॉडल को चुनावी मुद्दा बनाकर केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रचार किया जाएगा।
- किसान, युवा, महिलाएं, पिछड़े और दलित वर्ग चुनावी रणनीति के केंद्र में रहेंगे, जबकि अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंच को राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
- बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट कर बूथ कमेटियों और पन्ना प्रमुखों के नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।
- गुटबाजी पर रोक लगाकर नेताओं के बीच तालमेल बढ़ाने और संगठन को एकजुट रखने पर जोर दिया जाएगा।
- युवा वर्ग में रोजगार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि, गन्ना भुगतान और कृषि योजनाओं पर फोकस रहेगा।
BJP के सामने PDA समीकरण चुनौती
सपा के PDA समीकरण (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को कमजोर करना BJP की सबसे बड़ी चुनौती है। अखिलेश यादव इस समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। BJP की रणनीति है कि जातीय राजनीति से ऊपर उठकर विकास, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया जाए।
पार्टी नेतृत्व संगठन की निष्क्रियता खत्म कर जवाबदेही तय कर बूथ स्तर तक चुनावी मशीनरी सक्रिय करने पर जोर दे रहा है। अमित शाह की सक्रियता और राष्ट्रीय नेतृत्व की लगातार बैठकों से यह स्पष्ट है कि BJP 2027 के यूपी चुनाव में कोई कमी नहीं रखना चाहता।
चुनाव की प्रमुख तारीखें
- 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव
- अमित शाह की कार्यकारिणी बैठक और संवाद
- राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा क्षेत्रीय नेताओं से फीडबैक
पढ़ने वाले पूछ रहे हैं
- बीजेपी की मुख्य चुनावी रणनीति क्या है?
जातीय राजनीति से हटकर विकास, सुशासन, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं पर जोर देना है। - अमित शाह की भूमिका कैसी है?
अमित शाह सक्रिय होकर पार्टी नेताओं से सीधे संवाद कर चुनावी रणनीति को जमीन पर लागू कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- BJP ने यूपी चुनाव 2027 के लिए 10 सूत्रीय रणनीति बनाई है।
- अमित शाह और राष्ट्रीय नेतृत्व रणनीति को लागू करने में सक्रिय हैं।
- विकास, सुशासन और कानून-व्यवस्था को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा।
- समाजवादी पार्टी के PDA समीकरण को चुनौती देना BJP की प्राथमिकता है।
स्रोत: livetimes.news





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