नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 2026 के NEET UG पेपर लीक के बाद अपने सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। इस प्रक्रिया के तहत NTA ने 5000 एक्सपर्ट का नया पैनल तैयार किया है जो NEET UG समेत अन्य एंट्रेंस एग्जाम के पेपर सेट करेगा।
NTA द्वारा आयोजित प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम
NTA देश की एक प्रमुख एजेंसी है, जो JEE Main सेशन 1 और 2, NEET UG, CUET UG, CUET PG, UGC NET, CSIR NET जैसे मुख्य एग्जाम आयोजित करती है। इसके अलावा कई अन्य एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन भी NTA के अंतर्गत होता है।
5000 एक्सपर्ट्स का नया पैनल और उनकी जिम्मेदारियां
NTA ने शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विषय विशेषज्ञों, अनुवादकों और वैज्ञानिकों को मिलाकर 5000 प्रोफेशनल्स का नया पैनल बनाया है। यह पैनल केवल पेपर सेटिंग ही नहीं करेगा, बल्कि पेपर के अनुवाद, सिलेबस मैपिंग, मॉडरेशन, आंसर-की वेरिफिकेशन, रिसर्च, आंसर की मूल्यांकन और साइकोमेट्रिक वैलिडेशन जैसे गुप्त कार्यों की जिम्मेदारी भी लेगा।
नए पैनल का चयन प्रक्रिया और अवधि
NTA ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के जरिए आवेदनों को प्राप्त किया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आवेदकों की कई स्तरों पर जांच और वेरिफिकेशन के बाद इस नए पैनल का गठन किया गया है। इस पैनल की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है। साथ ही EOI प्रक्रिया साल भर जारी रहेगी ताकि नए प्रोफेशनल्स को भी पैनल में जोड़ा जा सके।
पेपर लीक रोकने के लिए क्वेश्चन बैंक में बदलाव
NEET UG 2026 पेपर लीक की जांच में पता चला था कि पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट ने ही सवाल याद कर लीक किया था। इसे ध्यान में रखते हुए NTA क्वेश्चन बैंक सिस्टम में बड़ा बदलाव कर रहा है। अब क्वेश्चन बैंक इतना विशाल होगा कि एक्सपर्ट के लिए सवाल याद रखना चुनौतीपूर्ण होगा और इस तरह लीक की संभावना कम हो जाएगी।
यह कदम परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
स्रोत: tv9hindi.com





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