दिल्ली-एनसीआर और गाजियाबाद में बढ़ते प्रदूषण से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। दिवाली से पहले ही यहां की हवा जहरीली हो गई है। बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-2 लागू कर दिया गया है।
गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता बेहद खराब
गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) आज सुबह बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। मौसम में बदलाव के कारण वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। प्रशासन प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय कर रहा है, लेकिन इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए आम जनता की भागीदारी आवश्यक है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन के कदम
नगर निगम ने सड़कों और पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव शुरू कराया है और मशीनों से सफाई कराई जा रही है। खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है और धूल उड़ाने वाले क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है। प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
GRAP-2 में लागू पाबंदियां
- डीजल से चलने वाले इंजनों पर पाबंदी रहेगी।
- होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध।
- प्राइवेट वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क में वृद्धि।
- खुले में कचरा या सूखे पत्ते जलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
- तारकोल से सड़क निर्माण जैसे प्रदूषण बढ़ाने वाले कार्यों पर रोक।
ये नियम प्रदूषण को कम करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रभावी कदम बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि सभी पक्षों को सहयोग करना होगा ताकि दिल्ली-एनसीआर और गाजियाबाद की हवा साफ हो सके।
स्रोत: hindi.news18.com





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।