दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में नोएडा और गाजियाबाद के कुछ इलाकों में अवैध कॉलोनियों और गैर-अधिकृत प्लॉट की बिक्री को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। कई बार इन जगहों पर आकर्षक किश्तों और कम कीमतों के झांसे में आकर खरीदारों का सारा पैसा डूब सकता है।
नोएडा-गाजियाबाद में अवैध कॉलोनियों का खतरा
गाजियाबाद प्राधिकरण समय-समय पर अवैध कॉलोनियों की सूची जारी करता रहता है। ऐसे क्षेत्र जहां बिना उचित मंजूरी के प्लॉट या मकान बनाए जाते हैं, उनमें निवेश करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। दिवाली के मौके पर यहां फ्लैट और प्लॉट की सेल अधिक होती है, मगर खरीदारों को सतर्क रहना जरूरी है।
सड़क और नक्शे की मंजूरी का महत्व
नोएडा-गाजियाबाद में कई बार बड़ी कृषि भूमि को काटकर प्लॉटिंग की जाती है। बिल्डर पहले जमीन के मालिक होते हैं, बाद में 80-100 लोगों को प्लॉट बेच देते हैं। हालांकि, सड़क के लिए छोड़ी गई जमीन का मालिक वही रहता है। जब तक सड़क का मालिक कोई व्यक्ति विशेष होगा, प्राधिकरण उस कॉलोनी को अधिकृत नहीं मानता। इस कारण ऐसी जगह पर निवेश सुरक्षित नहीं होता।
इसके अलावा, कई कॉलोनियों में मकान बिना प्राधिकृत नक्शे के बनाए जाते हैं। खरीदारों को प्रॉपर्टी खरीदते समय अप्रूव्ड लेआउट की कॉपी या अनुज्ञा पत्र अवश्य मांगना चाहिए। बिना स्वीकृत नक्शे के खरीदी गई संपत्ति पर बुल्डोजर कार्रवाई हो सकती है।
सुनिश्चित करें कॉलोनी की मूलभूत सुविधाएं
अधिकृत कॉलोनी में प्लॉट या फ्लैट खरीदते समय इलाके का बैकग्राउंड जांचना आवश्यक है। कॉलोनी कब बसी, वहां स्कूल, हॉस्पिटल, सीवर-पाइपलाइन की व्यवस्था, मेट्रो और बस की दूरी, हाइवे से कनेक्टिविटी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। साथ ही सब्जी मंडी, मार्केट और ऑटो-बस सेवा जैसी सुविधाओं के बारे में भी जानकारी लें।
सड़क चौड़ाई और पार्किंग की जांच जरूरी
नोएडा-गाजियाबाद में खरीदी जाने वाली कॉलोनी में सड़क कम से कम 18 फीट चौड़ी होनी चाहिए। साथ ही कॉलोनी में पार्क जैसी सामुदायिक सुविधाएं भी होनी चाहिए। अगर ये सुविधाएं मौजूद नहीं हैं तो कॉलोनी अप्रूव्ड नहीं हो सकती। ऐसी जगह की जमीन सस्ती जरूर होती है, लेकिन निवेश जोखिम भरा होता है।
खरीदारी में सावधानी बरतें
फ्लैट या प्लॉट खरीदते समय खरीदारों को पूरी जानकारी लेकर ही कदम बढ़ाना चाहिए। कई बार बिल्डर आकर्षक किश्तों और कम डाउन पेमेंट की सुविधा देकर झांसा देते हैं। वे कहते हैं कि रजिस्ट्री और म्यूटेशन करवा लीजिए, आपका मकान आपका हो जाएगा। लेकिन कई कॉलोनियों में रजिस्ट्री के बावजूद मकान तोड़ दिए जाते हैं।
इसलिए, बिना उचित जांच-पड़ताल के प्रॉपर्टी में निवेश करने से बचें। यदि आप किसी अधिकृत कॉलोनी में निवेश कर रहे हैं तो संबंधित प्राधिकरण से अप्रूव्ड लेआउट और अन्य कागजात अवश्य जांच लें।
अधिकारिक चेतावनी और सावधानियां
गाजियाबाद प्राधिकरण ने कई बार अवैध कॉलोनियों की सूची जारी कर लोगों को जागरूक किया है। इससे निवेशकों को पता चलता है कि किन इलाकों में प्लॉट खरीदना सुरक्षित नहीं है। इसलिए प्राधिकरण की सूची को ध्यान में रखते हुए ही प्रॉपर्टी खरीदें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे।
स्रोत: hindi.news18.com





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