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करवा चौथ 2026: कई शहरों में चांद का दीदार, बादलों से छिपा चंद्रमा

करवा चौथ 2026 पर कई शहरों में चांद दिखा, बादलों के कारण कुछ जगहों पर व्रत खोलने के लिए भगवान शिव की पूजा का सहारा लिया गया।

करवा चौथ 2026: कई शहरों में चांद का दीदार, बादलों से छिपा चंद्रमा

देश के कई शहरों में करवा चौथ 2026 का चांद दिखाई दिया है, जिससे सुहागिनों ने अपना व्रत खोलना शुरू कर दिया है। असम के गुवाहाटी में चंद्रमा साफ नजर आया, जबकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों की वजह से चांद छिपा रहा।

चांद निकलने के समय पर नजर

दिल्ली-एनसीआर में चांद का दीदार रात 8:17 बजे से शुरू हुआ। अन्य शहरों में चांद निकलने का समय इस प्रकार था: लखनऊ रात 8:06 बजे, जयपुर रात 8:28 बजे, मुंबई रात 9:00 बजे, कोलकाता शाम 7:47 बजे और बेंगलुरु रात 8:55 बजे।

बादलों में छिपे चंद्रमा और व्रत खोलने के उपाय

कई जगहों पर खराब मौसम के कारण चांद का दीदार नहीं हो पाया। ऐसे में व्रत खोलना अनिवार्य होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब चांद दिखाई न दे, तो महिलाएं भगवान शिव की पूजा करें क्योंकि शिव जी के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान होता है। इससे व्रत का पारण किया जा सकता है।

करवा चौथ की पूजा और पारंपरिक विधि

सुहागिनें सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को भगवान गणेश व करवा माता की पूजा करती हैं। चंद्रमा के दर्शन के बाद महिलाएं छलनी से पहले चांद और फिर पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलती हैं और मिठाई खिलाने की परंपरा निभाती हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त और चांद निकलने का महत्व

पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू हुई और रात 10 बजकर 9 मिनट पर समाप्त होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक है।

चंद्रमा को अर्घ्य देने के समय महिलाएं "ॐ चन्द्राय नमः" और "ॐ सोमाय नमः" मंत्रों का जाप करती हैं। इस दौरान पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना की जाती है।

स्रोत: tv9hindi.com

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