मोतिहारी में शिक्षक ने नाबालिग छात्रा को नेपाल ले जाते समय पकड़ा गया
बिहार के मोतिहारी जिले में 9वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा को गणित पढ़ाने वाले शिक्षक कासिम आलम ने अपने प्रेम जाल में फंसाकर नेपाल बेचने की कोशिश की। यह घटना इंडो-नेपाल बॉर्डर महुअवा चेक पोस्ट पर तब सामने आई जब एसएसबी ने संदिग्ध स्थिति में दोनों को रोककर पूछताछ की। इसके बाद छात्रा को महुअवा थाना को सौंप दिया गया और कासिम आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
शिक्षक की पृष्ठभूमि और निलंबन
कासिम आलम मूल रूप से केसरिया प्रखंड के कढ़ान हाई स्कूल में शिक्षक थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी के अनुसार, जून 2026 में उन्हें लखौरा स्थित मॉडल स्कूल+2 सरस्वती विद्या निकेतन में गणित शिक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद कासिम आलम को निलंबित कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
मामले की जानकारी मिलते ही लखौरा चौक के स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने मॉडल स्कूल+2 सरस्वती विद्या निकेतन के सामने जोरदार नारेबाजी की और शिक्षक के खिलाफ विरोध जताया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान छौरादानो प्रखंड के दरपा थाना क्षेत्र के पीपरा गांव निवासी कासिम आलम (पिता - जाहिर आलम) के रूप में हुई है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
एसएसबी महुअवा चेक पोस्ट पर कासिम आलम और छात्रा को नेपाल जाने के दौरान रोककर जांच की गई। महुअवा थाना ने केस दर्ज कर कासिम आलम को जेल भेज दिया। वहीं नाबालिग छात्रा को चाइल्ड लाइन मोतिहारी भेजा गया है, जहां उसकी मेडिकल जांच कराई जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है।
मामले की अहमियत
यह मामला गुरु-शिष्य के रिश्ते की संवेदनशीलता को उजागर करता है और शिक्षा क्षेत्र में सुरक्षा की जरूरत को दर्शाता है। साथ ही यह मानव तस्करी की गंभीर समस्या को भी सामने लाता है, जिसका समय रहते रोकथाम जरूरी है।
स्रोत: indiatv.in





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