Bharat Vistaar
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
इजराइल में नेतन्याहू की सत्ता पर संकट, अरब पार्टियां बनीं किंगमेकरगाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार निलंबित, नितिन अग्रवाल के निर्देश पर कार्रवाईफहद फासिल की फिल्म 'डोन्ट ट्रबल द ट्रबल' अब नेटफ्लिक्स पर उपलब्धUPSSSC PET 2026 में सरकारी भर्तियों के लिए जरूरी स्कोर और नौकरी के अवसरशनिवार को धन प्राप्ति के 5 असरदार उपाय और शनिदेव की कृपाअर्शदीप सिंह ने T20 क्रिकेट में 150 विकेट पूरे कर बनाए रिकॉर्डहोर्मुज स्ट्रेट में भारतीयों से भरे तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर हमला, 27 क्रू सदस्य सुरक्षितदिल्ली में दिलजीत दोसांझ ने CJP पर दिए बयान, अभिजीत दिपके ने जताया समर्थनजामिया में 10 नवंबर से शुरू होंगी ऑफलाइन क्लासेस, 16 नवंबर से सेकंड मिड टर्म एग्जामधनतेरस 2026 में शुक्र प्रदोष का संयोग, भोलेनाथ की पूजा के उपाय
विज्ञापन
Leaderboard Banner
Leaderboard Banner

इजराइल में नेतन्याहू की सत्ता पर संकट, अरब पार्टियां बनीं किंगमेकर

इजराइल में नेतन्याहू के गठबंधन को बहुमत नहीं मिला, विपक्षी आइजनकोट सरकार बनाने की कोशिश में हैं, अरब पार्टियां किंगमेकर बन सकती हैं।

इजराइल में नेतन्याहू की सत्ता पर संकट, अरब पार्टियां बनीं किंगमेकर

तेल अबीब: इजराइल की हालिया चुनावों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन को बहुमत नहीं मिलने के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया जटिल हो गई है। विपक्षी नेता गादी आइजनकोट सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी चुनौती बहुमत जुटाना है। इस राजनीतिक समीकरण में अरब पार्टियों की भूमिका किंगमेकर साबित हो सकती है। वहीं, नेतन्याहू के सहयोगी दल यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने आइजनकोट को प्रधानमंत्री पद देने का प्रस्ताव भी रखा है।

मुख्य तथ्य

  • नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं।
  • आइजनकोट के विपक्षी गठबंधन के पास 48 सीटें हैं।
  • अरब पार्टियों के खाते में कुल 19 सीटें हैं।
  • यूनाइटेड टोरा जूडिज्म आइजनकोट को पीएम पद देने का प्रस्ताव लेकर आई है।
  • अरब पार्टियों की समर्थन से सरकार गठन संभव हो सकता है।

आइजनकोट की विपक्षी दलों से बातचीत और चुनौतियां

गादी आइजनकोट ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ सरकार बनाने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। उन्होंने डेमोक्रेट्स पार्टी के प्रमुख यायर गोलान, बियाचाद के नफ्ताली बेनेट और विपक्षी नेता यायर लैपिड से मुलाकात की है। यायर गोलान ने कहा कि सभी पक्ष देश की सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। आइजनकोट ने नेतन्याहू और उनकी लिकुड पार्टी पर चुनाव परिणामों को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

सरकार बनाने के लिए आइजनकोट को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है जिसमें अरब पार्टियों की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

अरब पार्टियों का इतिहास और वर्तमान रुख

अरब पार्टियों ने पहले भी इजराइल की सरकारों के साथ सहयोग किया है। जून 2021 में मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाली राअम पार्टी ने आठ दलों के गठबंधन को समर्थन दिया था, जिसका उद्देश्य नेतन्याहू को हटाना था। इस गठबंधन में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं की यहूदी पार्टियां शामिल थीं। मंसूर अब्बास ने कहा था कि सरकार में शामिल होने से अरब समुदायों के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो सकता है।

1992 से 1995 के बीच भी अरब पार्टियों ने यित्जाक राबिन की सरकार को बाहर से समर्थन दिया था, जिससे ओस्लो समझौता संभव हुआ।

ताजा राजनीतिक प्रस्ताव और मतभेद

मंसूर अब्बास ने आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने की इच्छा जताई है, जबकि जॉइंट लिस्ट सरकार में शामिल हुए बिना समर्थन देने पर विचार कर रही है। उनकी मांगों में अरब समुदायों की समस्याओं का समाधान और अपराध रोकना शामिल है।

इसी बीच, नेतन्याहू के सहयोगी दल यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने आइजनकोट को प्रधानमंत्री पद देने का प्रस्ताव रखा है। यह पार्टी सरकार में शामिल हुए बिना समर्थन देने को तैयार है, लेकिन इसकी प्रमुख शर्त हरेदी यहूदियों को अनिवार्य सैन्य सेवा से छूट देना है। यह मांग आइजनकोट के रुख से टकराती है, क्योंकि वे सभी नागरिकों के लिए समान सैन्य सेवा के पक्षधर हैं।

नेतन्याहू, नफ्ताली बेनेट और एविगडोर लिबरमैन अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने के खिलाफ हैं, जबकि यायर गोलान ने इस सहयोग का समर्थन किया है। अब इजराइल की राजनीति में यह सवाल बना हुआ है कि क्या आइजनकोट बहुमत जुटा पाएंगे या नेतन्याहू सत्ता बनाए रखेंगे।

"सरकार गठन के इस संघर्ष में अरब पार्टियों की भूमिका निर्णायक हो सकती है।"

स्रोत: deshbandhu.co.in

यह खबर शेयर करें
स
संपादकीय टीम · Bharat Vistaar

Bharat Vistaar की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।