मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के मानसरोवर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में मंगलवार को छात्राओं के लिए 109 करोड़ रुपए वितरित करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की शक्ति हैं और उनकी शिक्षा से पूरा समाज लाभान्वित होता है।
भजनलाल शर्मा ने बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़कियों को शिक्षा, संस्कार, सम्मान और समान अवसर मिलने से उनकी प्रगति होती है जो परिवार और समाज के लिए लाभकारी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान ने देश में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाया है।
राज्य सरकार की पहल और राष्ट्रीय शिक्षा नीति
शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार लड़कियों को समान अवसर प्रदान करते हुए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में लड़कियों के लिए सुरक्षा और समान अवसर पर विशेष ध्यान दिया गया है। नीति में उनकी शिक्षा के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
शिक्षा को व्यक्तित्व विकास का माध्यम बताया
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का जरिया नहीं माना, बल्कि इसे व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच और मूल्यों के विकास की नींव बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का शक्तिशाली माध्यम है और युवाओं को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और कर्तव्यों की समझ होनी चाहिए।
सरकारी योजनाओं के तहत छात्राओं को वित्तीय सहायता
भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने यूनिफॉर्म और स्कूल बैग के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू की है। इसके तहत कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों और कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रति छात्र 800 रुपए सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
सांस्कृतिक विरासत और जिम्मेदारियों पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति ने जीवन और कर्तव्यों की अमूल्य शिक्षाएं दी हैं। उन्होंने युवाओं को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। साथ ही परिवार के सदस्यों के प्रति आदर और सेवा को भारतीय संस्कृति की खासियत बताया।
शिक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े भविष्य के प्रयास
मुख्यमंत्री ने रामायण पर आधारित ज्ञान परीक्षा का पोस्टर भी जारी किया। उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार की नीतियां लड़कियों के जन्म से लेकर शिक्षा और समाज में भागीदारी के लिए अनुकूल माहौल बनाने में मदद कर रही हैं।
इस प्रकार, राजस्थान सरकार की यह पहल लड़कियों के शिक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे समाज के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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