रायपुर में 27 अप्रैल को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के अवरोध हटने के बाद छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात, घने जंगल, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों से भरपूर छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के शीर्ष पर्यटन राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
मुख्य बिंदु
- नक्सलवाद के कारण पर्यटन का विकास रुक गया था।
- चित्रकोट, तीरथगढ़ जलप्रपात और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
- महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी की गई।
- बस्तर की जनजातीय संस्कृति और लोक कला पर्यटन को बढ़ावा देगी।
- अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का गठन किया था।
पर्यटन से रोजगार और विकास के अवसर
अमित शाह ने बताया कि अब प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल बेहतर होने से पर्यटन, उद्योग और व्यापार के नए अवसर बनेंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां दंतेश्वरी मंदिर, मां बम्लेश्वरी मंदिर और विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा का उल्लेख किया। इन स्थलों में देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता है।
पर्यटन क्षेत्र के विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के लिए नए बाजार खुलेंगे, जिससे ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
राज्योत्सव में सम्मान और महतारी वंदन योजना की किस्त जारी
अमित शाह ने नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अध्यक्षता की। केंद्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किए। साथ ही महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त भी जारी की गई।
शाह ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के भय से बाहर आकर विकास और समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों को प्रदेश में विकास की नई संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।
"आने वाले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ की धरती और लोग दोनों समृद्ध और खुशहाल होंगे।"
बस्तर की संस्कृति और लोक कला पर्यटन का आधार
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराएं और प्राकृतिक विविधता इसकी सबसे बड़ी विशेषताएं हैं। बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा, खानपान, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक परंपराएं वैश्विक स्तर पर पहचान पाने की क्षमता रखती हैं।
उन्होंने बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए बताया कि ये जनजातीय समाज की संस्कृति, खेल प्रतिभाओं और जीवनशैली को नई पहचान दे रहे हैं। साथ ही पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला नृत्य जैसी लोककलाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती हैं और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी और पीएम मोदी का योगदान
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का गठन उनकी दूरदर्शिता का परिणाम था। उन्होंने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके विकास को नई दिशा दी है।
स्रोत: indiatv.in





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