चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने महिलाओं से नशा तस्करी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने और गांवों व मोहल्लों में पारंपरिक ठिकरी पहरा यानी सामुदायिक निगरानी शुरू करने का आग्रह किया।
हरसिमरत बादल ने महिलाओं से नशा विरोधी आंदोलन की अपील की
खरड़ में आयोजित "मावां-धीआं दी फौज" रैली को संबोधित करते हुए हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई पंजाब की माताओं और बेटियों के लिए व्यक्तिगत और भावनात्मक मुद्दा है। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न इलाकों की महिलाएं उनसे मिलकर नशे के कारण बर्बाद हो रहे परिवारों और युवाओं को बचाने की गुहार लगा रही हैं।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे नशा बेचने वालों और उनके संरक्षकों की पहचान कर प्रशासन को जानकारी दें। इसके साथ ही, सामुदायिक सतर्कता और सामूहिक कार्रवाई के जरिए नशा तस्करों को बेनकाब किया जा सकता है। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि डरने या चुप रहने की बजाय जवाबदेही तय कराने के लिए आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब की अगली पीढ़ी को बचाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।
सरकार पर नशा रोकने में विफलता के आरोप
हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे पंजाब में झोटा और हाल ही में दिवंगत हुए दलजीत सिंह की मौत पर शोक का माहौल है, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार के कोई नेता शोक संतप्त परिवारों के साथ संवेदना या एकजुटता नहीं दिखा रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और सरकार इस पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रही है। नशा विरोधी आवाज उठाने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है। दलजीत सिंह के मामले का जिक्र करते हुए हरसिमरत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने कहा कि सरकार न तस्करी रोक पाने में सफल रही है और न शिकायतकर्ताओं तथा व्हिसलब्लोअर्स की सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए हरसिमरत ने कहा कि उन्होंने प्रभावित परिवारों से मिलने और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेने में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
विशेष टास्क फोर्स और सख्त कानूनों का वादा
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि अगर 2027 में उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो नशा माफिया के खिलाफ एक विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की जाएगी, जिसकी कमान एक महिला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के हाथों में होगी।
उन्होंने यह भी वादा किया कि नशा तस्करों के खिलाफ और कड़े कानून बनाए जाएंगे। प्रस्तावित नीति के अनुसार, तस्करों को 10 वर्षों तक जमानत नहीं मिलेगी और उनकी संपत्तियां जब्त कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने में उपयोग की जाएंगी।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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