दिल्ली के मयूर विहार में 9 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई, डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के शुरुआती 5 मिनट में सही कदम जरूरी हैं।
दिल्ली में 9 साल की बच्ची की मौत
दिल्ली के मयूर विहार में एक 9 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत हो गई है। बताया गया है कि यदि समय रहते उसे सीपीआर (CPR) दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। इस घटना ने हार्ट अटैक के दौरान शुरुआती मिनटों में सही प्रतिक्रिया की जरूरत को उजागर किया है।
हार्ट अटैक के लक्षण और तुरंत क्या करना चाहिए
डॉक्टर अंकेश अग्रवाल (सीनियर कंसलटेंट, कार्डियोलॉजी एंड कार्डिया सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल) बताते हैं कि यदि किसी को अचानक सीने में तेज दर्द, दबाव या भारीपन महसूस हो, जो बाएं हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैलता हो, साथ ही सांस लेने में दिक्कत, ठंडा पसीना या बेचैनी हो तो इसे हार्ट अटैक के लक्षण समझकर तुरंत 112 या 108 एंबुलेंस को कॉल करना चाहिए।
एंबुलेंस आने तक मरीज को आरामदायक स्थिति में बैठाना या आधा लेटा कर रखना चाहिए। मरीज को चलने-फिरने या खुद ड्राइव करने से रोकना जरूरी है। कपड़े ढीले करके और खुले स्थान पर रखना चाहिए ताकि उसे पर्याप्त हवा मिल सके।
यदि मरीज होश में है और उसे एस्पिरिन से एलर्जी नहीं है, तो 150 से 300 मिलीग्राम एस्पिरिन चबाने के लिए दी जा सकती है, लेकिन यह केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवा के निर्देश पर ही करें। अन्य दवाइयां बिना डॉक्टर की सलाह न दें।
हार्ट अटैक में CPR और बचाव के कदम
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मरीज की सांस और होश पर लगातार नजर रखें। यदि वह बेहोश हो जाए और सामान्य सांस न ले रहा हो तो तुरंत सीपीआर (CPR) शुरू करें। इसके लिए छाती के बीचों-बीच दोनों हाथों से 100 से 120 बार प्रति मिनट की दर से दबाव देना चाहिए।
यदि AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) मशीन उपलब्ध हो तो उसके निर्देशों का पालन करें। मरीज को पानी, खाना या घरेलू उपाय देने में समय न गंवाएं। कई बार लोग दर्द कम होने का इंतजार करते हैं, जो खतरनाक हो सकता है।
डॉक्टर अंकेश अग्रवाल के अनुसार, हार्ट अटैक के शुरुआती पांच मिनट मरीज की जान बचाने और दिल को नुकसान से बचाने के लिए निर्णायक होते हैं। इस दौरान सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।
स्रोत: tv9hindi.com





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।