जामिया में छात्र संघ बहाली की प्रक्रिया शुरू
नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18 दिन तक चली भूख हड़ताल के बाद छात्र संघ के संविधान को तैयार करने और लागू करने के लिए 15 मई 2027 तक की समय-सीमा तय की है। इस निर्णय के बाद भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
छात्र संघ बहाली के लिए प्रशासन और छात्रों में सहमति
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया। छात्र संघ की बहाली की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इसमें बताया गया है कि संविधान तैयार करने वाली समिति में प्रोफेसर, कानूनी विशेषज्ञों के साथ-साथ छात्र प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। प्रत्येक फैकल्टी से प्रतिनिधि लिए जाएंगे ताकि छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मध्यस्थता और सहमति का महत्व
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राज्यसभा सांसद हारिस बीरन ने इस मामले में मध्यस्थता की। उन्होंने कुलपति और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठकें कर सहमति बनाई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक घोषणा की और भूख हड़ताल समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई। रजिस्ट्रार महताब आलम और हारिस बीरन ने छात्रों को नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन खत्म करवाया।
ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करने की योजना
रजिस्ट्रार महताब आलम ने बताया कि छात्र संघ की मांगों पर सहमति के साथ ही विश्वविद्यालय ने कक्षाएं ऑफलाइन शुरू करने की योजना भी बनाई है। दीपावली की छुट्टियों के बाद 8 नवंबर से छात्रों को वापस लौटने का अनुरोध किया गया है। इसके बाद जल्द से जल्द ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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