कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली के लिए लोगों को आने से रोकने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस मामले में बुरी तरह घबराए हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली आने वाले लोगों को रोकने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
मुख्य बातें
- कांग्रेस ने 1 नवंबर की रैली के लिए आने से लोगों को रोकने का आरोप लगाया।
- पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को घबराहट की स्थिति में बताया गया।
- भारतीय रेलवे ने तेलंगाना से कांग्रेस के लिए ट्रेन उपलब्ध कराने से इनकार किया।
- कांग्रेस नेताओं ने दक्षिण मध्य रेलवे कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
- कांग्रेस ने कहा कि जनता के उभार को दबाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
कांग्रेस ने दिए मोदी और शाह पर आरोप
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस कदर घबराए हुए हैं कि उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली आने वाले लोगों को रोकना शुरू कर दिया है। वेणुगोपाल के अनुसार यह कदम एक नवंबर की रैली में शामिल होने वाले लोगों की संख्या को कम करने के लिए उठाया जा रहा है।
रेलवे ने कांग्रेस को ट्रेन सेवा से वंचित किया
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कुछ वीडियो भी साझा किए, जिसमें दावा किया गया कि भारतीय रेलवे ने तेलंगाना से पार्टी के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के लिए ट्रेन उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कई बार अनुरोध किए गए थे। इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं ने दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू किया है।
जनता के समर्थन को दबाने की कोशिशें विफल होंगी
वेणुगोपाल ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ जनता के उभार को दबाने की ये तरकीबें सफल नहीं होंगी। उन्होंने यह भी मांग की कि बढ़ती मांग को देखते हुए रैली से पहले पर्याप्त संख्या में ट्रेन उपलब्ध कराई जाएं। इस मामले में भारतीय रेल या सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कांग्रेस के आरोपों के बीच 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली की तैयारियां और लोगों की भागीदारी पर नजर बनी हुई है।
स्रोत: navjivanindia.com





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