चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तट के नजदीक लैंडफॉल किया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान अगले तीन घंटों तक तट से टकराने की प्रक्रिया में रहेगा। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई जिलों में पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली की लाइनें टूट गई हैं।
मुख्य तथ्य
- चक्रवात अर्नब का केंद्र समुद्र तट के बहुत करीब है।
- हवा की गति 135 से 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
- विशाखापत्तनम, बालासोर और काकीनाडा में भारी बारिश और पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं।
- काकीनाडा में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला।
- CWC गोदाम परिसर में तीन लोग बाढ़ में फंसे हैं, स्थिति गंभीर बनी हुई है।
चक्रवात की तीव्रता और प्रभाव
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ रहा है। इसके तटों पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिण के पास लैंडफॉल की संभावना है। यह एक 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में बना हुआ है। हवा की गति सामान्य रूप से 135 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर यह 150 किमी प्रति घंटे तक भी जा सकती है।
तेज हवाओं के कारण आंध्र विश्वविद्यालय के AU कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग फ़ॉर विमेन के पास एक पेड़ गिर गया है।
बारिश और तूफान के कारण जनजीवन प्रभावित
विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में भारी बारिश के चलते सड़कें जलमग्न हैं। कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और कलेक्टर्स ने इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं की पुष्टि की है।
गंजाम के गोपालपुर में समुद्र में उथल-पुथल के साथ तेज हवाएं और भारी बारिश देखी जा रही हैं। चक्रवात का केंद्र तट से बहुत करीब होने के कारण लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है।
आपातकालीन बचाव कार्य
काकीनाडा जिले में भारी बारिश की वजह से 'बॉम्बे कट्टा' इलाके में बाढ़ का पानी भर गया था, जिसमें चार लोग फंसे हुए थे। पुलिस ने उन्हें बचाकर सुरक्षित बाहर निकाला और घर भेज दिया। ये लोग सुबह ड्यूटी पर आए थे और रात तक वहीं फंसे रहे क्योंकि पानी ने उनके रास्ते बंद कर दिए थे।
इसी जिले के काकीनाडा एंकोरेज पोर्ट के CWC गोदामों में तीन लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। यहाँ भारी बारिश और समुद्र के पानी के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। गोदाम परिसर में बाढ़ से कर्मचारी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ऑपरेशन टीम और LPA के कर्मचारी भी फंसे हुए हैं।
स्रोत: indiatv.in





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