यरुशलम: 2026 के इस्राइल आम चुनाव के शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि विपक्षी गठबंधन को 49 सीटों पर बढ़त दिखाई दे रही है। 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद यह पहला चुनाव है, जिसमें किसी भी गठबंधन को बहुमत 61 सीटें हासिल होती नहीं दिख रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू के चुनावी प्रदर्शन में अपने समर्थन का योगदान बताया है।
शुरुआती मतगणना में कोई भी गठबंधन बहुमत से दूर
स्थानीय समय के अनुसार सुबह 7:43 बजे तक 55.4 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी हो चुकी थी। इस दौरान नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें और विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलती नजर आईं। अन्य दलों में संयुक्त अरब सूची को 12 और राम पार्टी को चार सीटें मिलने की संभावना है। इस्राइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों का समर्थन जरूरी होता है। शुरुआती रुझान बताते हैं कि कोई भी गठबंधन अकेले बहुमत हासिल नहीं कर पाएगा, इसलिए छोटे दलों का समर्थन सरकार गठन के लिए अहम होगा।
एग्जिट पोल और मतगणना के आंकड़ों में क्या फर्क है?
मतदान के बाद जारी एग्जिट पोल में विपक्षी गठबंधन को मामूली बढ़त दिखाई गई थी। विभिन्न मीडिया चैनलों के अनुमान में विपक्ष को 51 से 53 सीटें और नेतन्याहू के गठबंधन को 50 से 52 सीटें मिलने की संभावना थी। वहीं, आई24न्यूज ने नेतन्याहू के गठबंधन को 55 और विपक्ष को 49 सीटें दी थीं। शुरुआती मतगणना के आंकड़े आई24न्यूज के अनुमान के करीब हैं। अंतिम परिणामों के लिए सभी मतों की गिनती जरूरी है, जिसमें सैनिकों और पात्र मतदाताओं के वोटों की अलग जांच भी शामिल है।
डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू की सफलता का श्रेय अपने समर्थन को दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नेतन्याहू के चुनावी प्रदर्शन में सुधार के लिए अपने समर्थन को जिम्मेदार बताया। ट्रंप ने टेक्सास में पत्रकारों से कहा कि एग्जिट पोल में नेतन्याहू अच्छा कर रहे हैं और उनके समर्थन से प्रधानमंत्री को मदद मिली होगी। ट्रंप की इस प्रतिक्रिया ने इस्राइल चुनाव में अमेरिकी समर्थन की भूमिका पर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, अंतिम परिणाम आने के बाद ही इस समर्थन के प्रभाव का सही आंकलन हो सकेगा।
ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर फिर किया दावा
इस्राइल चुनाव के दौरान ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रोकने में अपनी भूमिका का भी दावा दोहराया। टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में रैली के दौरान उन्होंने कहा कि दोनों देशों पर 250 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देकर उन्होंने तनाव कम किया था। ट्रंप ने बताया कि जिन आठ युद्धों को वह समाप्त करने की बात करते हैं, उनमें से पांच में व्यापार दबाव की भूमिका रही। भारत ने इससे पहले इस तरह के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि भारत-पाक संघर्षविराम सीधे संवाद से संभव हुआ था।
सरकार गठन में अरब दलों की भूमिका
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी एग्जिट पोल में सबसे बड़ी पार्टी दिखी, लेकिन गठबंधन के लिए बहुमत जुटाना कठिन है। विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट ने वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश की बात कही है। अगर दोनों प्रमुख गठबंधन बहुमत से दूर रहें, तो अरब नेतृत्व वाले दल सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। एग्जिट पोल में इन दलों को 16 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है। 2021 में राम पार्टी इस्राइल की गठबंधन सरकार में शामिल हुई थी।
सुरक्षा और नेतृत्व की जवाबदेही चुनावी मुद्दे
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद यह पहला आम चुनाव है। सुरक्षा, सरकार की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। करीब 19 साल से नेतन्याहू राजनीति में प्रभावशाली हैं, लेकिन अब उन्हें पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट की चुनौती का सामना है। अंतिम नतीजों और संभावित गठबंधन पर सभी की नजरें टिकी हैं। बहुमत न मिलने पर छोटे दलों का समर्थन सरकार बनाने में अहम होगा।
स्रोत: deshbandhu.co.in





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।