अर्नब तूफान ने आंध्र प्रदेश के तट से टकराया
चक्रवाती तूफान अर्नब नरसापुर और यानम के बीच समुद्र तट से टकराया है, जिससे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज़ बारिश और हवाओं के साथ भारी नुकसान हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दोनों राज्यों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तेलुगु राज्यों में तूफान का व्यापक प्रभाव
पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में बना यह तूफान यानम के दक्षिण और नरसापुर के पास तट से टकराया। इसके कारण तटीय गांवों में तेज़ हवाओं और भारी बारिश से काफी तबाही हुई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ गया और तेज़ हवाएं चलने लगीं।
अर्नब ने कोनासीमा क्षेत्र के पोलावरम, उप्पलगुप्तम, अल्लवरम, काट्रेनिकोना, मामिडिकुदुरु, मलिकिपुरम और सखिनेतिपल्ली मंडलों को विशेष रूप से प्रभावित किया। लोग समुद्र की ऊंची लहरें और तूफानी हवा देखकर घबराए हुए हैं। गोदावरी नदी की धाराओं में लहरें अंदर तक पहुंच गई हैं, जिससे नहरें उफान पर हैं।
कृषि और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान
आंध्र प्रदेश के तटीय किसानों को अर्नब से भारी नुकसान हुआ है। कोनासीमा जिले में लगभग 10,800 एकड़ में झींगा पालन होता है। किसानों ने फसल बचाने के लिए समय से पहले झींगा पकड़ना शुरू कर दिया, लेकिन इससे बाजार में दाम गिर गए और उन्हें प्रति किलो 30 से 40 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
नारियल के किसानों ने 1996 के तूफान के अनुभव से सीख लेकर पेड़ों का वजन कम करने और फसल सुरक्षित स्थानों पर ले जाने जैसे कदम उठाए थे, फिर भी तेज हवाओं ने कई नारियल के बागानों को बर्बाद कर दिया।
काकीनाडा, पश्चिम गोदावरी और संयुक्त विशाखापत्तनम जिलों में मूसलाधार बारिश ने सड़क यातायात प्रभावित किया है। काकीनाडा के काजुलुरु में बिजली व्यवस्था ठप हो गई है, जबकि उप्पाडा बीच रोड लहरों के बहाव में टूट गया। पालाकोल्लू क्षेत्र में बिजली के खंभे गिरने से अंधेरा फैल गया।
अलर्ट और सावधानियां जारी
अधिकारियों ने विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा और गोदावरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। श्रीकाकुलम, विजयनगरम और गुंटूर जिलों में ऑरेंज और नेल्लोर व प्रकाशम जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है।
तेलंगाना में भी इस तूफान का असर दिख रहा है। 29 अक्टूबर को मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम और महबूबाबाद जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। हनमकोंडा, वारंगल, सूर्यापेट और नलगोंडा जिलों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।
तेलंगाना में दिन के तापमान में गिरावट आई है, जिससे ठंड बढ़ गई है। पाटनचेरु में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकारियों ने कहा है कि लोग केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और उफनती नदियों या नालों को न पार करें।
मुख्य तथ्य
- चक्रवात अर्नब ने नरसापुर और यानम के बीच तट को टक्कर दी।
- आंध्र प्रदेश के कोनासीमा क्षेत्र के कई मंडल प्रभावित हुए।
- काकीनाडा जिले में बिजली व्यवस्था ठप, सड़कें प्रभावित।
- तेलंगाना में 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट।
पाठकों के लिए सवाल
1. अर्नब तूफान से सबसे ज्यादा कौन से इलाके प्रभावित हुए?
आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले के पोलावरम, उप्पलगुप्तम, अल्लवरम और आसपास के मंडल सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
2. तेलंगाना में तूफान का क्या असर है?
तेलंगाना के मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम और महबूबाबाद जिलों में भारी बारिश का खतरा है और कई जिलों में तेज हवाओं की चेतावनी जारी है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
चक्रवाती तूफान अर्नब ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय और अंदरूनी इलाकों को प्रभावित किया है, जिससे जनजीवन, कृषि और बुनियादी सुविधाएं बाधित हुई हैं। भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी लोगों की सुरक्षा के लिए अहम है।
"भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने लोगों को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा है।"
स्रोत: hindi.asianetnews.com





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