अर्नब तूफान ने पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर के पास लैंडफॉल किया, तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर जारी है।
अर्नब तूफान ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर के पास तूफान ने 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लैंडफॉल किया है। इस वजह से विशाखापत्तनम और काकीनाडा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है।
तूफान की रफ्तार और समुद्र में लहरें
मौसम विभाग के अनुसार, अर्नब तूफान ने तट से टकराते समय करीब 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी। पहले अनुमान था कि हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में 1.5 से 2.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की संभावना के चलते निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर कदम
तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। आंध्र प्रदेश में 72 ट्रेनों और कई उड़ानों को रद्द किया गया है।
बंगाल की खाड़ी में भूकंप के झटके
अर्नब तूफान के लैंडफॉल से पहले बंगाल की खाड़ी में 4.52 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। हालांकि, इस भूकंप के बाद कोई सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
ओडिशा में व्यापक तैयारी
ओडिशा सरकार ने अर्नब तूफान के मद्देनजर 16 जिलों में स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। अब तक लगभग 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा, 1,700 से अधिक राहत शिविर बनाए गए हैं। भारी बारिश की आशंका के कारण कई जिलों में रेड अलर्ट जारी है। ओडिशा तट पर 29 तारीख तक मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई है।
सरकार की अपील
ओडिशा सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे तूफान से जुड़ी अफवाहें न फैलाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। प्रशासन सतर्कता बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठा रहा है।
स्रोत: hindi.asianetnews.com





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