केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने 31 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को पत्र भेजकर राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मिली प्रमुख उपलब्धि की जानकारी दी। पत्र में उत्तराखंड सरकार को बधाई देते हुए बताया गया कि राज्य ने नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। इस उपलब्धि के लिए उत्तराखंड को 5 नवंबर 2026 को भारत RE समिट एवं एक्सपो-2026 के समापन सत्र में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सम्मान पर खुशी जताई और कहा कि यह राज्य की प्रतिबद्धता, निरंतर प्रयास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तराखंड की जिम्मेदारी का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में तेजी से बढ़ोतरी का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता के लक्ष्य को निर्धारित किया है, जिसमें उत्तराखंड की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
उत्तराखंड की नवीकरणीय ऊर्जा नीतियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और राज्य सरकार सौर ऊर्जा, जल विद्युत, लघु जल विद्युत सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के अधिकतम उपयोग पर ध्यान दे रही है। उनका कहना था कि स्वच्छ ऊर्जा से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि प्रदेश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी, रोजगार सृजन होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य पर काम कर रही है। यह राष्ट्रीय सम्मान उत्तराखंड को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अपने प्रयासों को तेज करने और नवाचार के साथ विस्तार करने के लिए प्रेरित करेगा।
RE-SAF फ्रेमवर्क के तहत मूल्यांकन के आधार
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने RE-SAF फ्रेमवर्क विकसित किया है, जिसके अंतर्गत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का मूल्यांकन नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के विभिन्न मानकों पर किया जाता है। इन मानकों में क्षमता वृद्धि, नीतिगत एवं नियामकीय व्यवस्था, ग्रिड से संबंधित सुविधाएं, डिस्कॉम का प्रदर्शन और निवेश के अनुकूल वातावरण शामिल हैं।
इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य राज्यों के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना, प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा के विकास के लिए बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उत्तराखंड की यह उपलब्धि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य के निरंतर प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देती है।
मुख्य बिंदु
- उत्तराखंड को RE-SAF रैंकिंग में दूसरा स्थान मिला है।
- 5 नवंबर 2026 को भारत RE समिट में उपराष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया।
- RE-SAF फ्रेमवर्क में राज्यों का नवीकरणीय ऊर्जा के विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन होता है।
स्रोत: hindi.webdunia.com





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