ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद अमेरिका के मियामी पहुंचे फ्लावियो बोल्सोनारो को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे अमेरिका में तब तक रह सकते हैं जब तक वे चाहें. हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि ट्रंप सरकार ने फ्लावियो को अमेरिका आने में कोई मदद नहीं की थी.
मुख्य तथ्य
- फ्लावियो बोल्सोनारो 25 अक्टूबर को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार गए थे।
- वे हार के बाद 6 नवंबर को मियामी पहुंचे।
- ट्रम्प ने कहा कि फ्लावियो अमेरिका में जितने समय चाहें रह सकते हैं।
- अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि सरकार ने फ्लावियो को लाने में कोई मदद नहीं की।
- फ्लावियो पर भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी के मामले चल रहे हैं।
फ्लावियो बोल्सोनारो का अमेरिका आगमन और राजनीतिक स्थिति
फ्लावियो बोल्सोनारो, जो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र हैं, ने 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से हार स्वीकार नहीं की है और चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। वे 6 नवंबर को हार के बाद अमेरिका के मियामी शहर पहुंचे।
फ्लावियो पर ब्राजील में भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के मामले चल रहे हैं। पुलिस ने उन्हें देश छोड़कर भागने का खतरा मानते हुए पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया था। उनकी सीनेटर की सीट 1 फरवरी से शुरू होने वाली नई संसद के साथ समाप्त हो जाएगी।
अमेरिकी विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया और सरकार की स्थिति
मार्को रुबियो ने अटलांटा में G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कहा कि अमेरिकी सरकार फ्लावियो को अमेरिका लाने की किसी भी योजना में शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि फ्लावियो पहले से अमेरिकी वीजा के साथ अमेरिका आए हैं और ट्रंप ने उन्हें अनुमति दी।
रुबियो ने यह भी बताया कि उन्होंने ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा से शुक्रवार और शनिवार को मुलाकात की है। दोनों देशों के अधिकारी नवंबर में फ्रांस में होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक में फिर मिल सकते हैं, और आने वाले हफ्तों में बातचीत जारी रहेगी। यह मुलाकात दिसंबर में मियामी में होने वाली G20 नेताओं की बैठक से पहले हो सकती है।
ट्रंप का बयान और दोनों देशों के रिश्ते
डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में कहा कि उनकी फ्लावियो से मिलने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका में फ्लावियो के रहने पर कोई समय सीमा नहीं रखी।
हालांकि, रुबियो और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा की बातचीत से उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच पिछले महीनों से बने तनाव को कम किया जा सकेगा। दोनों सरकारें रिश्तों में सुधार के रास्ते तलाश रही हैं।
स्रोत: tv9hindi.com





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