दिवाली 2026 से पहले 1 और 2 नवंबर को लगातार दो दिन पुष्य नक्षत्र के शुभ योग बनेंगे, जो करीब 128 साल बाद बनने वाला दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग है। इन दिनों सोना-चांदी खरीदना, नया कारोबार शुरू करना और निवेश करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बहुत फलदायी माना जाता है।
रवि पुष्य योग का विशेष महत्व – 1 नवंबर 2026
रविवार, 1 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 16 मिनट से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो अगले दिन सुबह 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दिन रवि पुष्य योग बनता है, जिसे खरीदारी, निवेश और नए काम की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
1 नवंबर को शंख, लक्ष्मी, शश, हर्ष, सरल, साध्य, मित्र और गजकेसरी योग भी बनेंगे। मंगल और चंद्रमा की युति इस दिन के ज्योतिषीय महत्व को और बढ़ाएगी। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, मकान और जमीन खरीदना शुभ माना जाता है। साथ ही नया व्यापार शुरू करने वाले लोगों के लिए भी यह दिन लाभकारी रहेगा।
2 नवंबर को पुष्य नक्षत्र के साथ शुभ योग
सोमवार, 2 नवंबर को पुष्य नक्षत्र सुबह 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दिन सर्वार्थसिद्धि, शुभ, श्रीवत्स, अमला, वाशि और सरल योग बनेंगे। अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग भी इस दिन के महत्व को बढ़ाएंगे।
ज्योतिष के अनुसार, इन योगों में किया गया निवेश और खरीदारी सफल होती है। इस दिन भी सोना-चांदी खरीदना, नया निवेश करना और कारोबार के महत्वपूर्ण फैसले लेना शुभ रहेगा। व्यापारी वर्ग के लिए नए बही-खाते खोलना और व्यवसाय बढ़ाने की योजना बनाना उपयुक्त होगा।
पुष्य नक्षत्र में शुभ खरीदारी क्या करें?
पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। इस नक्षत्र में खरीदी गई वस्तुएं लंबी अवधि तक सुख-समृद्धि देती हैं। इन दो दिनों में निम्न चीजें खरीदना शुभ माना जाता है:
- सोना-चांदी: आभूषण खरीदने से समृद्धि आती है।
- जमीन और मकान: भूमि, भवन या फ्लैट की बुकिंग के लिए उपयुक्त।
- वाहन: नई गाड़ी या अन्य वाहन खरीदने के लिए अच्छा वक्त।
- दुकान और मशीनरी: व्यापार बढ़ाने के लिए नई दुकान या मशीनरी खरीदना शुभ।
- बही-खाते: व्यापारी नए बही-खाते खोल सकते हैं।
- पूजा सामग्री: चांदी, तांबे और स्फटिक की पूजन सामग्री लेना भी शुभ रहता है।
नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य ज्योतिषीय जानकारियों पर आधारित है। टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता।
स्रोत: tv9hindi.com





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