NEET UG 2027 का आयोजन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की योजना टल सकती है, खासकर दक्षिणी राज्यों के विरोध के कारण।
मुख्य बातें
- NEET UG 2027 की परीक्षा CBT मोड में कराने की योजना पर संशय बना हुआ है।
- केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्य इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं।
- नीलेकणि कमेटी को जनवरी 2027 तक रिपोर्ट सौंपनी है, जो परीक्षा सुधार से जुड़ी है।
- NEET UG 2027 संभवतः पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी।
- CBT मोड में परीक्षा का नया प्रारूप 2028 से लागू हो सकता है।
NEET UG 2027 परीक्षा में बदलाव की तैयारी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अकादमिक सत्र 2027-28 के लिए आयोजित होने वाली एंट्रेंस परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। JEE मेन सेशन 1 और सेशन 2 समेत कई प्रवेश परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया जा चुका है। वहीं, उम्मीदवार NEET UG 2027 के शेड्यूल का इंतजार कर रहे हैं। प्रारंभिक रूप से माना जा रहा था कि NEET UG 2027 का आयोजन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में होगा। हालांकि, अब इस योजना पर संशय के बादल छाए हुए हैं।
NEET UG 2026 पेपर लीक के बाद बदलाव की पहल
NEET UG 2026 के पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग बढ़ी। इस घटना के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने NEET UG परीक्षा के प्रारूप में बदलाव की घोषणा की थी। अब तक यह परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होती रही है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, NEET UG 2027 परीक्षा CBT मोड में कराई जानी थी।
नीलेकणि कमेटी और उसकी भूमिका
पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में आंदोलन भी हुआ था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय राष्ट्रीय टास्क फोर्स गठित की, जिसे नीलेकणि कमेटी कहा जाता है। यह कमेटी NEET UG परीक्षा सुधार पर काम कर रही है और अब तक 50 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त कर चुकी है। पहले इस कमेटी को अक्टूबर 2027 तक रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन सेवा विस्तार के बाद अब जनवरी 2027 तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी। कमेटी का काम NEET UG के CBT मोड में आयोजन की रूपरेखा तैयार करना है।
दक्षिणी राज्यों का विरोध क्यों?
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्य NEET UG के CBT मोड में आयोजन का विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि CBT मोड ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। साथ ही, ये राज्य स्कूल बोर्ड के नंबरों को अधिक महत्व देने और विभिन्न राज्य शैक्षणिक बोर्डों के बीच समानता बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
नीलेकणि कमेटी की सिफारिशें और आगे की संभावनाएं
रिपोर्ट में बताया गया है कि नीलेकणि कमेटी की सिफारिशें दो हिस्सों में हैं। एक हिस्सा 2027 से लागू किया जा सकता है, जबकि दूसरा हिस्सा लागू करने में अधिक समय लग सकता है। कुल मिलाकर विरोध और चुनौतियों के कारण NEET UG 2027 का CBT में आयोजन टल सकता है। लेकिन कमेटी का लक्ष्य भविष्य में ‘कंप्यूटर एडेप्टिव टेस्टिंग’ (Computer Adaptive Testing) के तहत परीक्षा कराना है।
क्या NEET UG 2027 पेन-एंड-पेपर मोड में होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, NEET UG 2027 का आयोजन संभवतः पेन-एंड-पेपर मोड में होगा। हालांकि, कुछ संभावना यह भी है कि परीक्षा CBT और पेन-एंड-पेपर दोनों मोड में आयोजित की जाए। CBT मोड में JEE की तरह कई दिन तक परीक्षा आयोजित की जा सकती है। फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
स्रोत: tv9hindi.com





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