अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव में सीनेट की 10 अहम सीटों पर मुकाबला ट्रंप के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
मुख्य तथ्य
- सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है, जिसमें 33 नियमित और 2 विशेष सीटें शामिल हैं।
- रिपब्लिकन पार्टी के पास फिलहाल 53, डेमोक्रेट्स के पास 45 सीटें हैं।
- डेमोक्रेट्स को बहुमत के लिए कम से कम 4 सीटें जीतनी होंगी।
- 10 राज्यों में सीटों पर मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी है।
- महंगाई, ईरान युद्ध, खेती और ईंधन की लागत जैसे मुद्दे चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं।
मिडटर्म चुनाव की अहमियत
अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव हर 4 साल में होते हैं, जबकि कांग्रेस के चुनाव हर 2 साल में। राष्ट्रपति के मध्यकाल में होने वाले चुनाव को मिडटर्म कहते हैं। इस चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर मतदान होता है।
सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं, जिनका कार्यकाल 6 साल होता है। सभी सदस्य एक साथ नहीं चुने जाते, बल्कि हर दो साल में लगभग 33 से 35 सीटों पर चुनाव होते हैं। वर्तमान में हाउस में रिपब्लिकन 214 और डेमोक्रेट्स 218 सीटें रखते हैं।
10 राज्यों में सीनेट सीटों का मुकाबला
इन 10 राज्यों में कुल 10 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनमें 7 रिपब्लिकन के पास और 3 डेमोक्रेट्स के पास हैं। ये राज्य हैं:
- अलास्का: रिपब्लिकन डैन सुलिवन के खिलाफ डेमोक्रेट मैरी पेल्टोला मुकाबला कर रही हैं। यहां रैंक्ड चॉइस वोटिंग होती है।
- आयोवा और कंसास: आयोवा की सीट खाली है, जहां रिपब्लिकन एश्ले हिंसन और डेमोक्रेट जोश ट्यूरेक आमने-सामने हैं। कंसास में रिपब्लिकन रोजर मार्शल का मुकाबला डेमोक्रेट एडम हैमिल्टन से है।
- मेन और नॉर्थ कैरोलिना: मेन में रिपब्लिकन सुसान कॉलिन्स और डेमोक्रेट ट्रॉय जैक्सन हैं। नॉर्थ कैरोलिना में पूर्व गवर्नर रॉय कूपर के सामने रिपब्लिकन माइकल व्हाटली हैं।
- ओहायो और टेक्सास: ओहायो में डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन और रिपब्लिकन जॉन हस्टेड के बीच मुकाबला है। टेक्सास में डेमोक्रेट जेम्स टालारिको और रिपब्लिकन केन पैक्सटन मैदान में हैं।
- जॉर्जिया, मिशिगन और न्यू हैम्पशायर: जॉर्जिया में डेमोक्रेट जॉन ओसॉफ और रिपब्लिकन माइक कॉलिन्स, मिशिगन में डेमोक्रेट अब्दुल अल-सईद और रिपब्लिकन माइक रोजर्स, न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेट क्रिस पैपास और पूर्व रिपब्लिकन जॉन सुनुनू के बीच मुकाबला है।
इन राज्यों में महंगाई, युद्ध, खेती की लागत जैसे मुद्दे चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। टेक्सास में रिपब्लिकन सुपर PAC को एलन मस्क ने 15.8 करोड़ डॉलर का चंदा दिया है। ओहायो में दोनों पार्टियों के समर्थक समूहों ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं।
सीनेट में बहुमत का ट्रंप पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति सरकार चलाते हैं, लेकिन कानून बनाने और नियुक्तियों के लिए संसद का सहयोग जरूरी होता है। सीनेट सुप्रीम कोर्ट के जजों और अन्य उच्च पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी देती है। महाभियोग की सुनवाई भी सीनेट करती है।
यदि डेमोक्रेट्स बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो ट्रंप के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। उनकी नियुक्तियां अटक सकती हैं और बजट को लेकर विवाद बढ़ सकते हैं। हालांकि, इससे ट्रंप का पद खत्म नहीं होगा, लेकिन उनकी नीतियों पर विपक्ष की ताकत बढ़ेगी।
स्रोत: tv9hindi.com





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